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आप सरकार के चार साल में 20 साल पीछे पहुंची दिल्ली: मनोज तिवारी
Thu, 14 Feb 2019 02:29 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Thu, 14 Feb 2019 02:29 AM IST
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मनोज तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
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भाजपा का कहना है कि केजरीवाल सरकार के चार साल बेहाली का दौर है। दिल्ली का विकास करीब 20 साल पीछे चला गया है। मोहल्ला क्लिनिक योजना विफल रही तो प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण जनता बेहाल रही। सड़कों पर जाम की समस्या से निजात नहीं मिली और एक भी नया कॉलेज नहीं खुला। आयुष्मान भारत योजना को दिल्ली में बाधित कर लाखों परिवारों को 1250 तरह के ऑपरेशन के लिए मिलने वाली 5 लाख रुपये की सहायता से वंचित कर दिया गया।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली सरकार के 62 अस्पतालों में वेंटिलेटर ही नहीं हैं। 2010-11 के बाद दिल्ली में एक भी नई बस नहीं खरीदी गई। सरकार दिल्ली के लोगों को जातियों और धर्म के आधार पर बांटकर देखती हे। सरकार की नीयत में ही राजनीति घुस चुकी है। आयुष्मान भारत जैसी विश्व में सबसे बड़ी स्वास्थ्य कल्याण योजना लागू नहीं करना उसकी नीयत और मंशा पर सवाल लगाता है। आप के विधायकों ने लोकायुक्त को अपना ब्यौरा नहीं दिया।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सार्वजनिक यातायात व्यवस्था को अपना दायित्व बताने वाली दिल्ली सरकार मेट्रो फेज-4 के रास्ते में रुकावट डाल रही है। टाइम-लाइन बजट तो पेश करती है, लेकिन लक्ष्य पाने में पूरी तरह विफल साबित होती है।
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ग्रीन बजट प्रस्ताव में 1000 ई-बसें लाने, 1000 नई डीटीसी बसें सड़कों पर उतारने, 1000 नई कलस्टर बसें लाने का वादा किया गया था, लेकिन 3000 तो क्या तीन बसें भी सड़कों पर नहीं उतरीं। सीसीटीवी कैमरे तक लगाने में सरकार विफल साबित हुई। विधानसभा के हर सत्र में विपक्ष की आवाज को बार-बार दबाया जाता रहा। सरकार को दिल्ली नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में चुनाव जीतने की चिंता रहती है। वह एमसीडी की राह में भी बराबर रोड़े अटकाती रही है।
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भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली सरकार के 62 अस्पतालों में वेंटिलेटर ही नहीं हैं। 2010-11 के बाद दिल्ली में एक भी नई बस नहीं खरीदी गई। सरकार दिल्ली के लोगों को जातियों और धर्म के आधार पर बांटकर देखती हे। सरकार की नीयत में ही राजनीति घुस चुकी है। आयुष्मान भारत जैसी विश्व में सबसे बड़ी स्वास्थ्य कल्याण योजना लागू नहीं करना उसकी नीयत और मंशा पर सवाल लगाता है। आप के विधायकों ने लोकायुक्त को अपना ब्यौरा नहीं दिया।
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विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सार्वजनिक यातायात व्यवस्था को अपना दायित्व बताने वाली दिल्ली सरकार मेट्रो फेज-4 के रास्ते में रुकावट डाल रही है। टाइम-लाइन बजट तो पेश करती है, लेकिन लक्ष्य पाने में पूरी तरह विफल साबित होती है।
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ग्रीन बजट प्रस्ताव में 1000 ई-बसें लाने, 1000 नई डीटीसी बसें सड़कों पर उतारने, 1000 नई कलस्टर बसें लाने का वादा किया गया था, लेकिन 3000 तो क्या तीन बसें भी सड़कों पर नहीं उतरीं। सीसीटीवी कैमरे तक लगाने में सरकार विफल साबित हुई। विधानसभा के हर सत्र में विपक्ष की आवाज को बार-बार दबाया जाता रहा। सरकार को दिल्ली नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में चुनाव जीतने की चिंता रहती है। वह एमसीडी की राह में भी बराबर रोड़े अटकाती रही है।