सीएम आवास के बाहर धारा 144 लगाने पर एलजी-केजरीवाल में जंग
मुख्यमंत्री केजरीवाल के आवास के बाहर धारा 144 लगाए जाने को लेकर आप सरकार की दिल्ली पुलिस और उपराज्यपाल के साथ एक नई जंग होती दिखाई दे रही है।
उपराज्यपाल नजीब जंग ने बृहस्पतिवार को कहा था कि धारा 144 लगाने का अधिकार दिल्ली पुलिस आयुक्त को है, मजिस्ट्रेट ने कानून का उल्लंघन किया है। दिल्ली पुलिस ने संबंधित एसडीएम को पत्र लिखकर आदेश वापस लेने को कहा था। लेकिन सरकार ऐसा करने के मूड में नहीं है। मामले में कानूनी राय ली जा रही है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि अपराध दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) में धारा 144 लगाने का अधिकार मजिस्ट्रेट को है। अभी तक उसमें कोई संशोधन नहीं हुआ है।
'क्या दिल्ली पुलिस सीआरपीसी के प्रावधानों को नहीं मानना चाहती'
क्या दिल्ली पुलिस सीआरपीसी के प्रावधानों को नहीं मानना चाहती। उनका कहना है कि 1978 में एक अधिसूचना या आर्डिनेंस से मजिस्ट्रेट की शक्ति पुलिस आयुक्त को दी गई तो क्या एसडीएम की शक्ति अपने आप खत्म हो गई?
उधर, दिल्ली सरकार के प्रवक्ता नागेंद्र शर्मा का कहना है कि उत्तर जिला के पुलिस उपायुक्त की तरफ से एसडीएम को भेजे गए पत्र पर आगे की कार्रवाई के लिए कानूनी राय ली जा रही है।
पत्र कानून विभाग को भेजा गया है। यह जानकारी ली जा रही है कि किस प्रावधान में एसडीएम को पुलिस उपायुक्त की तरफ से धारा 144 हटाने का पत्र भेजा गया।