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ईस्टर्न-वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के लिए दिल्ली सरकार नहीं देगी और धन
Sat, 02 Nov 2019 05:19 AM IST
दुष्यंत शर्मा
राजीव सिन्हा, नई दिल्ली
राजीव सिन्हा, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 02 Nov 2019 05:19 AM IST
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दिल्ली सरकार ने ईस्टर्न व वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण में देरी के लिए उत्तर प्रदेश और हरियाणा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए इन जमीनों के लिए और रकम देने से इनकार कर दिया है। मालूम हो कि दिल्ली में प्रदूषण को देखते हुए ईस्टर्न व वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस का निर्माण करने का निर्णय लिया गया था।
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दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन देकर कहा है कि वह इस प्रोजेक्ट को लेकर अब और धन नहीं देगी। इसकी भरपाई केंद्र सरकार करे या जिन्होंने देरी की है वे करें। दिल्ली सरकार ने कहा, वह एक्सप्रेसवे के मद में और राशि जारी करने में असमर्थ है। लिहाजा सुप्रीम कोर्ट को इस पर विचार करना चाहिए कि दिल्ली के शेयर की भरपाई भारत सरकार और दिल्ली व हरियाणा सरकार करें।
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दिल्ली सरकार ने कहा एक्सप्रेसवे को बनाने का ध्येय दिल्ली की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और प्रदूषण कम करना था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। ऐसे में दूसरों की लापरवाही और गलती का खामियाजा दिल्ली सरकार नहीं भुगत सकती। दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया कि उसे और फंड जारी करने का निर्देश न दिया जाए।
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दिल्ली सरकार पर 3577 करोड़ का बकाया
दरअसल 18 अक्तूबर को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने एक्सप्रेसवे के लिए दिल्ली सरकार को अंतरिम तौर पर 1000 करोड़ रुपये देने का निर्देश दिया था। दिल्ली सरकार पर करीब 3577 करोड़ रुपये का बकाया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फंड पर मतभेद को लेकर दिल्ली, यूपी और हरियाणा सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत करने के लिए कहा था। केंद्र ने अपनी ओर से रकम खर्च कर एक्सप्रेसवे को चालू तो कर दिया, लेकिन अन्य राज्यों ने अपने हिस्से की रकम नहीं दी।