Mpox in Delhi: स्वास्थ्य मंत्री ने बताया दिल्ली के किन अस्पतालों में मिलेगा इलाज, वर्तमान स्थिति भी बताई
दिल्ली के अस्पतालों में लगभग 14000 नए बेड्स की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन पर्याप्त स्टाफ के बिना इन बेड्स का कोई उपयोग नहीं होगा। भारद्वाज ने उपराज्यपाल कार्यालय पर सवाल उठाते हुए पूछा कि स्टाफ की कमी के मुद्दे को सुलझाने के लिए पिछले दो साल के दौरान कोई बैठक क्यों नहीं हुई।
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दिल्ली के स्वाथ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने शुक्रवार को कहा कि सरकार मंकीपोक्स वायरस को लेकर सतर्क है और इस पर करीबी नजर बनाए हुए है। इस सप्ताह की शुरुआत में हमने एलएनजेपी अस्पताल, जीटीबी अस्पताल और बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल को संदिग्ध और पुष्ट पंकीपोक्स मामलों के प्रबंधन के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाने के निर्देश दिए थे। फिलहाल अभी तक हमें एक भी मरीज इससे ग्रस्ति नहीं मिला है। एलएनजेपी अस्पताल को नोडल सुविधा के रूप में नामित किया गया है, जबकि अन्य दो को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
मीडिया से बात करते हुए सौरभ भारद्वाज ने नए और मौजूदा अस्पतालों में स्टाफ की नियुक्ति में देरी के लिए उपराज्यपाल वीके सक्सेना की आलोचना की। भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली सरकार चार नए अस्पतालों के निर्माण और 13 अन्य में सुविधाओं के विस्तार सहित बुनियादी ढांचे के विस्तार पर काम कर रही है, लेकिन डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति में न हो पाने से इन प्रयासों को बड़ा झटका लगा है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली के अस्पतालों में लगभग 14000 नए बेड्स की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन पर्याप्त स्टाफ के बिना इन बेड्स का कोई उपयोग नहीं होगा। भारद्वाज ने उपराज्यपाल कार्यालय पर सवाल उठाते हुए पूछा कि स्टाफ की कमी के मुद्दे को सुलझाने के लिए पिछले दो साल के दौरान कोई बैठक क्यों नहीं हुई।
स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि यदि उपराज्यपाल कार्यालय इस जिम्मेदारी को संभालने में असमर्थ है तो इसे निर्वाचित सरकार को सौंप दिया जाना चाहिए, जो आवश्यक नियुक्तियां सुनिश्चित करेगी। बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अफ्रीका के कई हिस्सों में इसकी व्यापकता और प्रसार को देखते हुए मंकीपोक्स को लेकर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है।