{"_id":"69e0ecee6de801f4cb0275a4","slug":"delhi-government-schools-perform-well-with-results-better-than-the-national-average-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-132585-2026-04-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: दिल्ली के सरकारी स्कूलों का शानदार प्रदर्शन, राष्ट्रीय औसत से बेहतर नतीजे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: दिल्ली के सरकारी स्कूलों का शानदार प्रदर्शन, राष्ट्रीय औसत से बेहतर नतीजे
विज्ञापन
-नतीजे बीते साल के 94.64 फीसदी से 2.59 फीसदी अधिक
- 457 सरकारी स्कूलों ने सौ फीसदी परिणाम दिया, 90 फीसदी से अधिक परिणाम देने वाले स्कूलों की संख्या 529 से बढ़कर 924 हुई
-19, 148 करोड़ रुपये के सशक्त शिक्षा बजट के साथ सरकार छात्रों के आत्मविश्वास, क्षमता और व्यक्तित्व के समग्र के लिए प्रतिबद्ध है-शिक्षा मंत्री
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के दसवीं के नतीजों में दिल्ली सरकार के स्कूलों ने इस बार बेहतर प्रदर्शन किया है। इस साल 457 स्कूलों ने सौ फीसदी परिणाम दिया है, बीते साल 300 स्कूलों का परिणाम सौ फीसदी था। 90 फीसदी से अधिक परिणाम देने वाले स्कूलों की संख्या 924 है, जो कि बीते साल 529 थी। इस साल दिल्ली के स्कूलों का पास प्रतिशत 97.23 फीसदी रहा है। यह राष्ट्रीय औसत 93.70 फीसदी से अधिक है। वहीं बीते 2025 के 94.64 फीसदी से 2.59 फीसदी अधिक है।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह सुधार केवल चुनिंदा स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे दिल्ली के सरकारी स्कूल नेटवर्क में व्यापक रूप से दिखाई दे रहा है। स्कूलों में सीखने के परिणामों में भी निरंतर और सकारात्मक सुधार देखा जा रहा है जो कि शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन को दर्शाता है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस वर्ष कुल 1, 88, 460 छात्रों ने परीक्षा दी जिनमें से 1,83,246 छात्र पास हुए। स्कूलों में 26 छात्रों ने 95 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त किए हैं, 540 छात्रों ने 90 फीसदी से 95 फीसदी के बीच अंक और 5, 202 छात्रों ने 80-90 फीसदी के बीच अंक प्राप्त किए हैं।
सरकारी स्कूलाें में पास होने वाले का प्रतिशत 97 फीसदी : वहीं सरकारी स्कूलों की छात्राओं का पास प्रतशित 97.37 फीसदी है। छात्राओं ने छात्रों के मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन किया है। छात्रों का प्रदर्शन 97.09 फीसदी है। सूद ने कहा कि सरकार प्रतिबद्ध है कि किसी भी बालिका की शिक्षा दूरी के कारण बाधित न हो। इसी कड़ी में सरकार ने बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नौंवीं कक्षा की करीब 1.3 लाख छात्राओं को मुफ्त साइकिल देने के लिए 90 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस वर्ष दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 9,000 स्मार्ट कक्षाओं की स्थापना की गई है, जिसका कुल लक्ष्य 21,000 है। इसके साथ ही 175 आधुनिक कंप्यूटर लैब और 125 डिजिटल पुस्तकालय स्थापित किए गए हैं। सूद ने कहा कि 19,148 करोड़ रुपये के सशक्त शिक्षा बजट के साथ सरकार छात्रों के आत्मविश्वास, क्षमता और व्यक्तित्व के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली के हर बच्चे को विश्वस्तरीय एवं सुलभ शिक्षा दी जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
- 457 सरकारी स्कूलों ने सौ फीसदी परिणाम दिया, 90 फीसदी से अधिक परिणाम देने वाले स्कूलों की संख्या 529 से बढ़कर 924 हुई
-19, 148 करोड़ रुपये के सशक्त शिक्षा बजट के साथ सरकार छात्रों के आत्मविश्वास, क्षमता और व्यक्तित्व के समग्र के लिए प्रतिबद्ध है-शिक्षा मंत्री
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के दसवीं के नतीजों में दिल्ली सरकार के स्कूलों ने इस बार बेहतर प्रदर्शन किया है। इस साल 457 स्कूलों ने सौ फीसदी परिणाम दिया है, बीते साल 300 स्कूलों का परिणाम सौ फीसदी था। 90 फीसदी से अधिक परिणाम देने वाले स्कूलों की संख्या 924 है, जो कि बीते साल 529 थी। इस साल दिल्ली के स्कूलों का पास प्रतिशत 97.23 फीसदी रहा है। यह राष्ट्रीय औसत 93.70 फीसदी से अधिक है। वहीं बीते 2025 के 94.64 फीसदी से 2.59 फीसदी अधिक है।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह सुधार केवल चुनिंदा स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे दिल्ली के सरकारी स्कूल नेटवर्क में व्यापक रूप से दिखाई दे रहा है। स्कूलों में सीखने के परिणामों में भी निरंतर और सकारात्मक सुधार देखा जा रहा है जो कि शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन को दर्शाता है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस वर्ष कुल 1, 88, 460 छात्रों ने परीक्षा दी जिनमें से 1,83,246 छात्र पास हुए। स्कूलों में 26 छात्रों ने 95 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त किए हैं, 540 छात्रों ने 90 फीसदी से 95 फीसदी के बीच अंक और 5, 202 छात्रों ने 80-90 फीसदी के बीच अंक प्राप्त किए हैं।
विज्ञापन
सरकारी स्कूलाें में पास होने वाले का प्रतिशत 97 फीसदी : वहीं सरकारी स्कूलों की छात्राओं का पास प्रतशित 97.37 फीसदी है। छात्राओं ने छात्रों के मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन किया है। छात्रों का प्रदर्शन 97.09 फीसदी है। सूद ने कहा कि सरकार प्रतिबद्ध है कि किसी भी बालिका की शिक्षा दूरी के कारण बाधित न हो। इसी कड़ी में सरकार ने बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नौंवीं कक्षा की करीब 1.3 लाख छात्राओं को मुफ्त साइकिल देने के लिए 90 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस वर्ष दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 9,000 स्मार्ट कक्षाओं की स्थापना की गई है, जिसका कुल लक्ष्य 21,000 है। इसके साथ ही 175 आधुनिक कंप्यूटर लैब और 125 डिजिटल पुस्तकालय स्थापित किए गए हैं। सूद ने कहा कि 19,148 करोड़ रुपये के सशक्त शिक्षा बजट के साथ सरकार छात्रों के आत्मविश्वास, क्षमता और व्यक्तित्व के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली के हर बच्चे को विश्वस्तरीय एवं सुलभ शिक्षा दी जाए।
विज्ञापन