Delhi: IAS राजशेखर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की तैयारी में दिल्ली सरकार, पढ़ें विवाद की पूरी कहानी
आम आदमी पार्टी सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के 11 मई के निर्णय के बाद आईएएस राजशेखर को केंद्र का आदमी मानते हुए उन्हें पद से हटा दिया था।
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कई शिकायतें मिलने के बाद आईएएस अधिकारी वाईवीवीजे राजशेखर के खिलाफ दिल्ली सरकार अनुशासनात्मक कार्यवाही करने का मन बना चुकी है। सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को रिपोर्ट सौंप वाईवीवीजे राजशेखर के तबादले का सुझाव दिया है। रिपोर्ट में राजशेखर को घोर अवज्ञा, अनुशासनहीन व्यवहार और तथ्यों को गलत साबित करने का दोषी पाया गया है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि निजी उद्देश के लिए राजशेखर अक्सर संवेदनशील फाइलों को अनाधिकृत तरीके से अपने पास रखते हैं। सरकारी रिकॉर्ड और अधिकारियों की सुरक्षा के लिए उन्हें विजिलेंस विभाग से तुरंत हटाया जाना चाहिए।
दिल्ली सरकार ने 11 मई को पद से हटाया था
आम आदमी पार्टी सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के 11 मई के निर्णय के बाद (ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार मिलने के बाद) आईएएस राजशेखर को केंद्र का आदमी मानते हुए उन्हें पद से हटा दिया था। इसके पीछे यही तर्क दिया गया था कि वे केंद्र के इशारों पर काम कर रहे थे। दिल्ली के सतर्कता मंत्री सौरभ भारद्वाज के आदेश पर राजशेखर से उनका सारा काम छीन लिया गया था और उनसे फाइलें ले ली गई थीं।
23 मई को फिर हुए पद पर बहाल
वाईवीवीजे राजशेखर को उनके पद पर 23 मई को फिर से बहाल कर दिया गया था। सचिव (सतर्कता) द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया था कि राजशेखर हमेशा की तरह काम फिर से शुरू करेंगे और सभी सहायक निदेशक काम के संबंध में 10 मई जैसी स्थिति बनाए रखेंगे।
इसके बाद और बढ़ा विवाद
26 मई को दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने एक सीसीटीवी के आधार पर आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री आवास मामले की जांच कर रहे अधिकारी आईएएस राजशेखर के कार्यालय से संवेदनशील फाइलें चुराई गईं। सीसीटीवी में रात के दो बजे दो व्यक्ति अधिकारी के कार्यालय में जाते हुए दिखाई पड़ रहे हैं। कुछ देर बाद ये व्यक्ति कुछ फाइलों को लेकर कार्यालय से बाहर आते हैं। आरोप है कि इन फाइलों में कई संवेदनशील सूचनाएं हैं और इनकी चोरी कर मुख्यमंत्री आवास के मामले की जांच प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि इसके पहले इसी अधिकारी को जांच से हटाकर जांच को प्रभावित करने की कोशिश की गई थी, लेकिन बाद में केंद्र सरकार के अध्यादेश के बाद जब अधिकारी को दोबारा जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई, तो अब उनके कार्यालय से फाइलें चुराकर जांच प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
राजशेखर ने दर्ज कराई एफआईआर
आईएएस राजशेखर की शिकायत पर सचिवालय से संवदेनशील फाइलों के गायब होने से जुड़ी घटना में दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। राजशेखर ने मुख्यमंत्री आवास के नवीनीकरण, आबकारी नीति की जांच सहित कई संवेदनशील मामलों की जांच से जुड़ी विजिलेंस विभाग की फाइलों के अनधिकृत तौर पर हटाए जाने पर शिकायत की है।
राजशेखर की रिपोर्ट में कहा गया है कि 15-16 मई की मध्य रात्रि से तीन बजे तक सचिव के दफ्तर से अनधिकृत तौर पर प्रवेश कर गोपनीय दस्तावेज हटा लिए गए। इनमें कई हाई प्रोफाइल व्यक्ति और अधिकारी भी जांच के दायरे में हैं। सतर्कता विभाग का कहना है कि जो दस्तावेज गायब हुए हैं, उनमें आबकारी विभाग की चार्जशीट, मुख्यमंत्रियों से संबंधित दस्तावेज, मुख्यमंत्री आवास के नवीनीकरण, सूचना व प्रचार भुगतान, दिल्ली जल बोर्ड से संबंधित मामले, व्यापार एवं कर विभाग में सोने की चोरी मामले सहित जेल अधिकारियों व मंत्री के बीच गठजोड़, दिल्ली जल बोर्ड के तत्कालीन सीईओ द्वारा विरासत संरचना को विध्वंस करने और फीडबैक यूनिट से संबंधित अहम दस्तावेज थे।