Delhi: द्वारका में 3000 ई-स्कूटर चलेंगे, आखिरी छोर तक आसानी से पहुंचेंगे लोग; 90 जगहों पर किए जाएंगे पार्क
परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि द्वारका में यह पायलट प्रोजेक्ट है। इसकी सफलता के बाद योजना पूरी दिल्ली में लागू होगी। द्वारका के लिए टेंडर भी जारी किया गया है। एक महीने बाद इसे आवंटित भी कर दिया जाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली सरकार की द्वारका में इलेक्ट्रिक स्कूटर चलाने की योजना है, ताकि आखिरी छोर तक लोग आसानी से पहुंच सकें। तीन हजार ई-स्कूटर चलाए जाएंगे। 90 जगहों पर ये पार्क किए जाएंगे। इनमें प्राथमिकता मेट्रो स्टेशन, बस स्टॉप, शैक्षणिक संस्थान व बाजार हैं। यहां से ई-स्कूटर लेकर लोग घर तक जा सकेंगे। सुविधानुसार वह तय समय के लिए इसे अपने घर पर भी रख सकेंगे।
परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि द्वारका में यह पायलट प्रोजेक्ट है। इसकी सफलता के बाद योजना पूरी दिल्ली में लागू होगी। द्वारका के लिए टेंडर भी जारी किया गया है। एक महीने बाद इसे आवंटित भी कर दिया जाएगा। ई-स्कूटर चलने से लोगों काे घर से सार्वजनिक परिवहन के बड़े माध्यमों तक पहुंचने में सहूलियत रहेगी।
दरअसल, दिल्ली सरकार आखिरी छोर तक आसानी से पहुंचने की दिशा में काम कर रही है। बीते साल इसकी घोषणा भी की गई थी। इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए बस स्टॉप, मेट्रो स्टेशनों समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थानों के साथ पहले और आखिरी मील कनेक्टिविटी के लिए हाई और लो स्पीड वाले स्कूटरों के लिए टेंडर निकाला गया है। निजी कंपनी ई-स्कूटर सेवा मुहैया कराएगी। यह योजना पब्लिक ई-स्कूटर शेयरिंग (पीईएसएस) सिस्टम की पहल का हिस्सा है। लोगों को ई-स्कूटर खुद चलाना होगा और इसके लिए शुल्क देना होगा। योजना के तहत एक हजार हाई-स्पीड ई-स्कूटर और दो हजार लो-स्पीड ई-स्कूटर होंगे।
तीन चरणों में लागू होगी योजना
योजना को तीन चरणों में लागू किया जाएगा। पहले में 1500, दूसरे में 750 और तीसरे में शेष अन्य ई-स्कूटर उतारे जाएंगे। इसके तहत फेज एक के लागू होने के बाद, फेज दो को अगले चार महीनों में लागू किया जाएगा। इसके बाद फेज तीन को अगले चार महीने में लागू किया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत 18 करोड़ रुपये है। ई-स्कूटर एक बार चार्ज करने पर 60 किमी का सफर तय कर सकेंगे। अधिकारी ने बताया कि बोलीदाताओं के पास मांग के आधार पर विभिन्न ईवी वेरिएंट संचालित करने की सुविधा होगी। योजना के सफल होने के बाद इसे पूरी दिल्ली में लागू किया जाएगा।
एकीकृत टिकटिंग की सुविधा
अधिकारियों ने बताया कि ई-स्कूटरों को एकीकृत टिकट प्रणाली से ऑनलाइन माध्यम से टिकट लेकर उपयोग में लाया जाएगा। इंटरनेट द्वारा लिए जाने वाला यह टिकट बस, मेट्रो में भी मान्य होगा। इससे यात्रियों को अलग-अलग टिकट लेने की जरूरत नहीं होगी।
पहला टेंडर नहीं हुआ सफल
गत वर्ष सितंबर में इसके लिए टेंडर निकाला गया था, लेकिन वह सफल नहीं हुआ। परिवहन विभाग के एक अधिकारी बताया कि इस बार यह टेंडर केवल इलेक्ट्रिक स्कूटर तक ही सीमित है।