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पड़ोसी राज्यों के जिलों पर नजर रखेगी दिल्ली सरकार, स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री को सौंपी रिपोर्ट
Fri, 06 Sep 2019 07:19 AM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Fri, 06 Sep 2019 07:19 AM IST
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सतेंद्र जैन
- फोटो : अमर उजाला
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डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए दिल्ली सरकार ने अब नई योजना तैयार की है। इसके तहत दिल्ली से पड़ोसी राज्यों के जिलों पर सरकार नजर रख सकेगी। बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सौंपी एक रिपोर्ट सौंपी है।
जिसमें कहा गया है कि पड़ोसी राज्यों से हर दिन हजारों लोग दिल्ली में आते हैं। अस्पतालों में इलाज के अलावा रोजगार के लिए भी दूसरे राज्यों से लोग राजधानी में आते हैं। इससे राजधानी के लोगों को संक्रमण का खतरा भी बना रहता है। इसीलिए सरकार इन पड़ोसी राज्यों के जिलों के साथ सहयोग स्थापित करेगी।
उनके यहां के अस्पतालों में भी दिल्ली जैसे नियम लागू करने का प्रयास करेंगे। इसके अलावा सरकार ने दिल्ली के सभी निजी अस्पतालों के प्रबंधन को निर्देश दिए हैं कि वे डेंगू मलेरिया या चिकनगुनिया के मरीजों को उपचार देने से इनकार नहीं कर सकते। औषधि नियंत्रण विभाग की मदद से सरकार ने दिल्ली में एस्प्रिीन, ब्रुफेन और वोवरॉन जैसी दवाओं को शेड्यूल एच में शामिल किया है।
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इन दवाओं को पंजीकृत डॉक्टर की पर्ची के आधार पर ही दवा विक्रेता से खरीद सकते हैं। रिपोर्ट में मंत्री जैन ने बताया कि अब तक दिल्ली में 270 शिविर के तहत 427 जागरूकता सत्र आयोजित किए जा चुके हैं। 10 सप्ताह, 10 बजे, 10 मिनट अभियान के तहत 272 वार्ड में 20 से 25 सदस्यों की टीमें जागरूकता फैला रही है।
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जिसमें कहा गया है कि पड़ोसी राज्यों से हर दिन हजारों लोग दिल्ली में आते हैं। अस्पतालों में इलाज के अलावा रोजगार के लिए भी दूसरे राज्यों से लोग राजधानी में आते हैं। इससे राजधानी के लोगों को संक्रमण का खतरा भी बना रहता है। इसीलिए सरकार इन पड़ोसी राज्यों के जिलों के साथ सहयोग स्थापित करेगी।
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उनके यहां के अस्पतालों में भी दिल्ली जैसे नियम लागू करने का प्रयास करेंगे। इसके अलावा सरकार ने दिल्ली के सभी निजी अस्पतालों के प्रबंधन को निर्देश दिए हैं कि वे डेंगू मलेरिया या चिकनगुनिया के मरीजों को उपचार देने से इनकार नहीं कर सकते। औषधि नियंत्रण विभाग की मदद से सरकार ने दिल्ली में एस्प्रिीन, ब्रुफेन और वोवरॉन जैसी दवाओं को शेड्यूल एच में शामिल किया है।
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इन दवाओं को पंजीकृत डॉक्टर की पर्ची के आधार पर ही दवा विक्रेता से खरीद सकते हैं। रिपोर्ट में मंत्री जैन ने बताया कि अब तक दिल्ली में 270 शिविर के तहत 427 जागरूकता सत्र आयोजित किए जा चुके हैं। 10 सप्ताह, 10 बजे, 10 मिनट अभियान के तहत 272 वार्ड में 20 से 25 सदस्यों की टीमें जागरूकता फैला रही है।