दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी बोलीं: 'इलेक्टोरल बॉन्ड सबसे बड़ा घोटाला, गठबंधन की सरकार बनने पर होगी इसकी जांच'
आतिशी ने दिल्ली आबकारी नीति मामले को राजनैतिक षड्यंत्र बताया। कहा कि इसका मकसद आम आदमी पार्टी को कुचलना है। इस मामले में हजारों छापे पड़े लेकिन आज तक एक रुपया नहीं मिला।
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लोकसभा चुनाव 2024 जैसे-जैसे अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है वैसे-वैसे राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं। इस बीच इंडिया गठबंधन में शामिल आम आदमी पार्टी (आप) की नेता और दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने कहा कि इंडिया गठबंधन की सरकार बनने पर देश के सबसे बड़े घोटाले इलेक्टोरल बॉन्ड की जांच होगी और भाजपा के नेता तथा इसमें शामिल अधिकारी जेल जाएंगे।
आतिशी मंगलवार को एक पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट ने मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी है। हम इस फैसले से सम्मानपूर्वक असहमत हैं। आरोप लगाया कि यह तथाकथित शराब घोटाला सिर्फ और सिर्फ एक राजनैतिक षड्यंत्र है, जिसका मकसद है आम आदमी पार्टी को कुचलना। इस मामले में हजारों छापे पड़े लेकिन आज तक एक रुपया नहीं मिला लेकिन फिर भी आप नेताओं पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं और उन्हें जेल भेजा जा रहा है।
आतिशी ने कहा कि यह पूरा केस दबाव में लिए गए बयानों के आधार पर बना हुआ है। गवाहों पर आम आदमी पार्टी और हमारे नेताओं के खिलाफ बयान देने का दबाव बनाया जाता है। जैसे ही गवाह ईडी के मुताबिक आर नेताओं के खिलाफ बयान दे देते हैं, उन्हें जमानत मिल जाती है। एक गवाह ने तो कोर्ट में बताया कि आप नेताओं के खिलाफ बयान देने के लिए मारपीट की गई। इसमें उसे चोट लगी।
साथ ही आतिशी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट जब अरविंद केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर सुनवाई कर रहा था तब कोर्ट ने ईडी से पूछा कि आपने गवाहों के आप नेताओं के पक्ष वाले बयान हटा दिए और विरोध वाले बयानों को शामिल कर लिया। आतिशी ने आरोप लगाया कि भाजपा पीएमएलए कानून को विपक्ष पर हथियार के रूप में काम कर रही है।