दिल्ली सरकार की अनूठी पहल: अब किसी के आगे हाथ नहीं फैलाएंगे भिखारी, सफल हुआ प्लान तो बदल जाएगी तकदीर और तस्वीर
अपने प्लान के तहत सरकार अभी प्रयोग कर रही है। जिसमें 50 भिखारियों को प्रशिक्षण दे रही है। इस प्रशिक्षण को पूरा करने वाले भिखारियों को सरकार रोजगार भी मुहैया कराएगी।
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मजबूरी के शिकार भिखारियों का जीवन स्तर सुधारने के लिए दिल्ली सरकार ने अनूठी पहल की है। जिसके लिए बाकायदा योजना बनाई गई है। इस योजना के तहत भिखारियों को कौशल विकास प्रशिक्षण देकर मुख्यधारा में लाया जाएगा। सरकार के प्लान के अनुसार सड़कों, ऐतिहासिक इमारतों के पास भीख वालों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। अभी 50 भिखारियों को दो आश्रय गृहों में जैम-जैली बनाने के साथ ही रंगाई-पुताई का काम सिखाया जा रहा है। सरकार प्रशिक्षण के बाद इन लोगों को रोजगार भी मुहैया कराएगी।
दिल्ली सरकार अपने प्लान के तहत अभी प्रयोग कर रही है। जिसमें रोशनआरा रोड आश्रय गृह और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के आश्रय गृह में क्रमशः 25 पुरुष और 25 महिला भिखारियों को प्रशिक्षण दे रही है। अगर यह प्रयास सफल रहा तो सरकार इसे बड़े स्तर पर लागू करेगी। जिसमें दिल्ली के अलग-अलग स्थानों पर भिखारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
भिखारियों की कुल संख्या 20,719
साल 2021 में सरकार ने भिखारियों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के लिए सर्वे कराया था। जिसमें भिखारियों की कुल संख्या 20,719 पाई गई थी। जिसके बाद भिखारियों का जीवन स्तर सुधारने के लिए इस प्रोग्राम को शुरू करने का एलान किया था। इस प्रशिक्षण को पूरा करने वाले भिखारियों को सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। जिसके आधार पर अपना काम शुरू करने वालों सरकार आर्थिक मदद देगी।