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कोरोना से मौत पर एम्स समेत सात अस्पतालों को नोटिस, सरकार ने मांगा जवाब
Sun, 31 May 2020 11:04 PM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाल, नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाल, नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Sun, 31 May 2020 11:04 PM IST
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दिल्ली एम्स
- फोटो : file photo
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कोरोना वायरस से होने वाली मौतों को लेकर दिल्ली सरकार ने एक बार फिर एम्स समेत सात अस्पतालों को नोटिस देते हुए जवाब मांगा है। महामारी अधिनियम का हवाला देते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एम्स के अलावा केंद्र सरकार के सफदरजंग और आरएमएल अस्पताल के अलावा लोकनायक, राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी, जीटीबी और भीमराव आंबेडकर अस्पताल को नोटिस दिया है।
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बताया जा रहा है कि कोरोना वायरस से मरने वालों के ऑडिट को लेकर दिल्ली सरकार अप्रैल में एक कमेटी बना चुकी है, लेकिन कमेटी के पास जानकारी देरी से पहुंचने के कारण समय पर आंकड़े नहीं मिल रहे हैं, जिसका परिणाम है यह है कि 5 अप्रैल को कोरोना से मरने वालों की जानकारी कमेटी को अब मिल रही है। रविवार को दिल्ली सरकार ने हेल्थ बुलेटिन के जरिए 57 मौत की पुष्टि की। इनमें 13 मौतें बीते दो दिन में हुई हैं, जबकि अन्य मौतें अप्रैल से अब तक दर्ज की गई हैं।
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दरअसल, कोरोना वायरस को लेकर दिल्ली सरकार हर दिन हेल्थ बुलेटिन जारी कर रहा है, परंतु अस्पतालों में मरीज व मौत के आंकड़े बुलेटिन से काफी ज्यादा हैं। इसे लेकर पहले भी काफी विवाद खड़ा हुआ था, जिसके बाद दिल्ली सरकार ने अस्पतालों को नोटिस देते हुए हर शाम को पूरी जानकारी कमेटी तक पहुंचाने के निर्देश दिए थे। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल को लेकर इसे आसानी से समझा जा सकता है। यहां अब तक कोरोना से 103 मौत हो चुकी है, लेकिन बुलेटिन में चार मौतें ही दिखाई गईं, जबकि 54 मौत की सूची दो दिन पहले कमेटी तक पहुंची है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, शुरुआत से वह हर केस की जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से साझा कर रहे हैं। वहां से दिल्ली सरकार तक जानकारी क्यों नहीं पहुंच रही? इस बारे में मंत्रालय से भी जवाब नहीं मिला है।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एम्स, सफदरजंग, आरएमएल और लोकनायक अस्पताल को नोटिस देते हुए समय पर जानकारी न देने के पीछे जवाब मांगा है। जीटीबी, आंबेडकर और राजीव गांधी सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल को विभागीय आदेशों को फिर से दोहराते हुए पूर्व आदेशों की पालना न करने पर जवाब मांगा है।