{"_id":"5babc9ce867a557eb60323e8","slug":"delhi-government-issued-circular-to-ask-data-of-students-and-their-families","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली सरकार ने सर्कुलर जारी कर मांगा छात्रों व परिजनों का डाटा, लगी फटकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली सरकार ने सर्कुलर जारी कर मांगा छात्रों व परिजनों का डाटा, लगी फटकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 26 Sep 2018 11:32 PM IST
विज्ञापन
दिल्ली हाईकोर्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूलों के छात्रों व उनके परिजनों के आधार व वोटर आई कार्ड का डाटा एकत्र करने को लेकर जारी अधिसूचना पर दिल्ली सरकार को फटकार लगाई है। अदालत इस मामले में एक अक्टूबर को सुनवाई करेगी।
विज्ञापन
दरअसल, दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने 11 सितंबर को अधिसूचना जारी कर सरकारी स्कूलों के 87 लाख छात्रों का आधार व वोटर आई कार्ड का डाटा 21 सितंबर तक एकत्र करने का आदेश दिया था। राजकीय विद्यालय अध्यापक एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता कमलेश कुमार मिश्रा ने जनहित याचिका दायर कर इसे चुनौती दी है।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति संजीव खन्ना व एस चंद्रशेखर की खंडपीठ ने पूछा कि छात्रों से यह डाटा क्यों मंगाए जा रहे हैं। इस पर दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि दिल्ली के स्कूलों में पड़ोसी राज्यों के बच्चे भी दाखिला लेते है। इससे राजधानी में रहने वाले छात्रों को स्कूलों में दाखिला नहीं मिल पाता। यह डाटा एकत्र होने से ऐसे छात्रों को दाखिला लेने से रोका जा सकेगा।
विज्ञापन
खंडपीठ ने इस पर दिल्ली सरकार के स्थायी अधिवक्ता को फटकार लगाते हुए कहा कि सरकार इस तरह बच्चों को दाखिला लेने से कैसे रोक सकती है। यहां के स्कूलों में अच्छी पढ़ाई होती है इसलिए बाहरी छात्र पढ़ने आते हैं। इस पर सरकार को गर्व होना चाहिए। सरकार का आदेश पूरी तरह से गलत है इसलिए इसे रद्द किया जाएगा। दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में आधार पर बुधवार को फैसला आना है। इसलिए इस याचिका पर सुनवाई बाद में की जाए।