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ई-वाहनों से पांच वर्षों में बचेगा 6000 करोड़ का ईंधन, डीडीसी ने परिवहन मंत्री सौंपी रिपोर्ट
Mon, 16 Sep 2019 08:41 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 16 Sep 2019 08:41 PM IST
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फाइल फोटो
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दिल्ली सरकार की ई-वाहन पॉलिसी लागू होने के पांच साल के भीतर करीब 6,000 करोड़ रुपये का पेट्रोल व डीजल सरीखा जैविक ईंधन बचेगा। वहीं, करीब 48 लाख टन कार्बन डाई आक्साइड आबोहवा में नहीं घुलेगी।
दिल्ली सरकार की एक रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। डॉयलॉग एंड डवलपमेंट कमीशन (डीडीसी) ऑफ दिल्ली की तरफ से तैयार रिपोर्ट सोमवार को परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत का सौंपी गई। रिपोर्ट तैयार करने में वैश्विक शोध संस्था रॉकी माउंटेन इंस्टीट्यूट ने भी मदद की है।
इससे पहले दिल्ली सरकार ने ई-वाहन पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार किया है। इसे जल्द ही नोटीफाई किया जाना है। इसमें कहा गया है कि 2024 तक दिल्ली में ई-वाहनों की संख्या 25 फीसदी हो जाएगी।
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इसके लिए अगले पांच सालों में पांच लाख ई-वाहनों की जरूरत है। डीडीसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर पॉलिसी उम्मीद पर खरी उतरती है तो न सिर्फ जैविक ईंधन की बचत होगी, बल्कि कार्बन डाई आक्साइड का उत्सर्जन भी थमेगा। कार्बन डाई आक्साइड की मात्रा पेट्रोल की एक लाख कारों से होने वाले उत्सर्जन के बराबर होगी। इसके साथ धूल के महीन कणों पीएम 2.5 में करीब 159 टन की कमी आएगी।
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दिल्ली सरकार की एक रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। डॉयलॉग एंड डवलपमेंट कमीशन (डीडीसी) ऑफ दिल्ली की तरफ से तैयार रिपोर्ट सोमवार को परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत का सौंपी गई। रिपोर्ट तैयार करने में वैश्विक शोध संस्था रॉकी माउंटेन इंस्टीट्यूट ने भी मदद की है।
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इससे पहले दिल्ली सरकार ने ई-वाहन पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार किया है। इसे जल्द ही नोटीफाई किया जाना है। इसमें कहा गया है कि 2024 तक दिल्ली में ई-वाहनों की संख्या 25 फीसदी हो जाएगी।
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इसके लिए अगले पांच सालों में पांच लाख ई-वाहनों की जरूरत है। डीडीसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर पॉलिसी उम्मीद पर खरी उतरती है तो न सिर्फ जैविक ईंधन की बचत होगी, बल्कि कार्बन डाई आक्साइड का उत्सर्जन भी थमेगा। कार्बन डाई आक्साइड की मात्रा पेट्रोल की एक लाख कारों से होने वाले उत्सर्जन के बराबर होगी। इसके साथ धूल के महीन कणों पीएम 2.5 में करीब 159 टन की कमी आएगी।
कैलाश गहलोत का कहना है कि डीडीसी की रिपोर्ट काफी उपयोगी है। इसके आधार पर परिवहन से जुड़ी सभी एजेसियों को ई-वाहन से जुड़े सुधारों को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकता है।
जबकि डीडीसी के उपाध्यक्ष जैसमिन शाह का कहना है कि ग्रीन मोबेलिटी में निवेश दिल्ली के लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। इसी मकसद से दिल्ली में ई-वाहनों को बढ़ावा देने की नीति पर सरकार काम कर रही है।
रिपोर्ट में ई-वाहन को बढ़ावा देने की सिफारिशें
. ई-वाहनों के रजिस्ट्रेशन के लिए सिंगल विंडो रजिस्ट्रेशन सिस्टम का इंतजाम।
. बैटरी की चार्जिंग व उसके निपटान का बेहतर बुनियादी ढांचा।
. रियासती ब्याज दरों पर ऋण का इंतजाम।
. बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत।
. ई-वाहनों के लिए दिल्ली में क्षमता निर्माण के लिए कार्यक्रमों का आयोजन।
जबकि डीडीसी के उपाध्यक्ष जैसमिन शाह का कहना है कि ग्रीन मोबेलिटी में निवेश दिल्ली के लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। इसी मकसद से दिल्ली में ई-वाहनों को बढ़ावा देने की नीति पर सरकार काम कर रही है।
रिपोर्ट में ई-वाहन को बढ़ावा देने की सिफारिशें
. ई-वाहनों के रजिस्ट्रेशन के लिए सिंगल विंडो रजिस्ट्रेशन सिस्टम का इंतजाम।
. बैटरी की चार्जिंग व उसके निपटान का बेहतर बुनियादी ढांचा।
. रियासती ब्याज दरों पर ऋण का इंतजाम।
. बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत।
. ई-वाहनों के लिए दिल्ली में क्षमता निर्माण के लिए कार्यक्रमों का आयोजन।