{"_id":"5eacc1378ebc3e904d5882fa","slug":"delhi-government-cancelled-its-first-order-regarding-non-covid-hospitals","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले मांगा हिसाब, चंद घंटे बाद ही आदेश पर लगाई रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले मांगा हिसाब, चंद घंटे बाद ही आदेश पर लगाई रोक
Sat, 02 May 2020 06:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 02 May 2020 06:09 AM IST
विज्ञापन
लोकनायक अस्पताल
- फोटो : social media
नॉन कोविड अस्पतालों में संक्रमित मिल रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों को लेकर दिल्ली सरकार ने सख्त आदेश शुक्रवार को जारी किए लेकिन चंद घंटे बाद ही इस आदेश पर रोक लगाने के लिए दूसरा आदेश जारी कर दिया।
विज्ञापन
पहले आदेश में दिल्ली सरकार ने लिखा कि नॉन कोविड अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मचारियों के संक्रमित होने से जाहिर है कि वे दिशा निर्देशों का सही पालन नहीं कर रहे हैं। इसलिए संक्रमित स्वास्थ्य कर्मचारी को यह बताना होगा कि उसे संक्रमण कहां और कैसे हुआ? संबंधित अस्पताल के चिकित्सा निदेशक को लिखित में यह जानकारी देनी होगी।
विज्ञापन
आदेश में यह भी लिखा है कि डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ व नर्स इत्यादि कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। इसके चलते बाकी स्टाफ को भी 14-14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जा रहा है। इन अस्पतालों में दिशा निर्देशों का सही पालन नहीं किया जा रहा है। संक्रमित होने वाले स्वास्थ्य कर्मचारी भी उन निर्देशों पर अमल नहीं कर रहे हैं जिनमें स्वास्थ्य कर्मचारियों को बचाव के तरीके बताए गए हैं।
विज्ञापन
शुक्रवार देर शाम स्वास्थ्य सचिव ने एक बार फिर आदेश जारी करते हुए पहले आदेश पर रोक लगाने की जानकारी दी है। विभागीय सूत्र इसके पीछे डॉक्टर व नर्सिंग यूनियन का विरोध बता रहे हैं।
लोकनायक अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर बताते हैं कि महामारी के दौर में स्वास्थ्य कर्मचारियों की भूमिका सबसे अहम है। फिर चाहे वह नॉन कोविड अस्पताल ही क्यों न हो? हर जगह स्वास्थ्य कर्मचारी क्षमता से ज्यादा सेवा कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ सख्त आदेश निकलना विरोध को बढ़ावा दे सकता है।