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दिल्ली में मस्जिदों के इमामों का वेतन बढ़ा, अब 18 हजार रुपये महीने मिलेगी सैलरी
Thu, 24 Jan 2019 09:00 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 24 Jan 2019 09:00 AM IST
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अरविंद केजरीवाल
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली वक्फ बोर्ड ने मस्जिदों के इमामों की सैलरी बढ़ा दी है। दिल्ली वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अमानतुल्लाह खान ने बोर्ड के एक कार्यक्रम में मस्जिदों के इमामों की सैलरी बढ़ाने का एलान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी मौजूद रहे। मौलाना की सैलरी दस हजार से बढ़ाकर 18000 और मुअज्जिन की सैलरी 9000 से बढ़ाकर 16 हजार कर दी गई है। फरवरी से बढ़ी हुई सैलरी मिलेगी।
वक्फ बोर्ड चेयरमैन के मुताबिक, लंबे समय से इमाम सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे थे, इस पर काफी पहले विचार किया जा चुका था। वो खुद सैलरी बढ़ाने के पक्ष में थे, लेकिन दो साल तक बोर्ड भंग था। इसलिए कुछ नहीं हो पाया। गौर हो कि राजधानी दिल्ली में वक्फ बोर्ड की तरफ से करीब 300 मस्जिदों के इमामों को सैलरी दी जाती है।
आपको बता दें कि दिल्ली वक्फ बोर्ड ने बुधवार को डीडीयू मार्ग स्थित माता सुंदरी कॉलेज में इमामों के साथ मुख्यमंत्री का संवाद कार्यक्रम रखा था। इस कार्यक्रम में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शिरकत की।
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली वक्फ बोर्ड के एक कार्यक्रम को सियासी पिच में बदल लोकसभा चुनाव की जमीन तैयार करने की कोशिश की। पूरी दिल्ली के इमामों की मौजूदगी ने केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में सिर्फ आप ही भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जोड़ी को शिकस्त दे सकती है।
कांग्रेस को वोट देने का सीधा मतलब भाजपा को फायदा पहुंचाना है। अपने दावे के हक में केजरीवाल ने बीते लोकसभा चुनाव में तीनों पार्टियों को मिले वोट प्रतिशत का गणित समझाया।
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वक्फ बोर्ड चेयरमैन के मुताबिक, लंबे समय से इमाम सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे थे, इस पर काफी पहले विचार किया जा चुका था। वो खुद सैलरी बढ़ाने के पक्ष में थे, लेकिन दो साल तक बोर्ड भंग था। इसलिए कुछ नहीं हो पाया। गौर हो कि राजधानी दिल्ली में वक्फ बोर्ड की तरफ से करीब 300 मस्जिदों के इमामों को सैलरी दी जाती है।
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आपको बता दें कि दिल्ली वक्फ बोर्ड ने बुधवार को डीडीयू मार्ग स्थित माता सुंदरी कॉलेज में इमामों के साथ मुख्यमंत्री का संवाद कार्यक्रम रखा था। इस कार्यक्रम में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शिरकत की।
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली वक्फ बोर्ड के एक कार्यक्रम को सियासी पिच में बदल लोकसभा चुनाव की जमीन तैयार करने की कोशिश की। पूरी दिल्ली के इमामों की मौजूदगी ने केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में सिर्फ आप ही भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जोड़ी को शिकस्त दे सकती है।
कांग्रेस को वोट देने का सीधा मतलब भाजपा को फायदा पहुंचाना है। अपने दावे के हक में केजरीवाल ने बीते लोकसभा चुनाव में तीनों पार्टियों को मिले वोट प्रतिशत का गणित समझाया।
केजरीवाल ने यहां फिर दोहराया कि बीते पांच साल में मोदी-शाह की जोड़ी ने वह काम कर दिखाया, जिसे पाकिस्तान बीते 70 साल में भी नहीं कर सका। 2019 में ये दोबारा चुनाव जीत जाते हैं तो देश नहीं बचेगा। केजरीवाल ने भाजपा को शिकस्त देने की अपील की।
केजरीवाल ने कहा कि पूरे देश में भाजपा को हराने की ताकत कांग्रेस में नहीं है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, उत्तर प्रदेश में सपा व बसपा का गठबंधन, दक्षिण में दूसरे दल ही अपने-अपने राज्य में भाजपा को हरा सकते हैं।
इसी तरह दिल्ली में आप ही भाजपा को हरा सकती है। बकौल केजरीवाल, 2014 के चुनाव में भाजपा को 46, आप को 33 फीसदी व कांग्रेस को 15 फीसदी वोट मिले थे। इस बीच भाजपा का वोट प्रतिशत दस फीसदी घटा है। यह कांग्रेस को चला जाता है तो उसका वोट प्रतिशत 25 पर होगा और भाजपा आसानी से चुनाव जीत जाएगी। अगर यह आप को मिलता है तो सातों सीटें आप के पास होंगी।
केजरीवाल ने कहा कि पूरे देश में भाजपा को हराने की ताकत कांग्रेस में नहीं है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, उत्तर प्रदेश में सपा व बसपा का गठबंधन, दक्षिण में दूसरे दल ही अपने-अपने राज्य में भाजपा को हरा सकते हैं।
इसी तरह दिल्ली में आप ही भाजपा को हरा सकती है। बकौल केजरीवाल, 2014 के चुनाव में भाजपा को 46, आप को 33 फीसदी व कांग्रेस को 15 फीसदी वोट मिले थे। इस बीच भाजपा का वोट प्रतिशत दस फीसदी घटा है। यह कांग्रेस को चला जाता है तो उसका वोट प्रतिशत 25 पर होगा और भाजपा आसानी से चुनाव जीत जाएगी। अगर यह आप को मिलता है तो सातों सीटें आप के पास होंगी।