{"_id":"693c8e84751f479c8101af24","slug":"delhi-governance-with-unified-departmental-boundaries-the-accountability-of-officials-will-increase-2025-12-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi Governance: विभागीय सीमाएं समान होने पर अधिकारियों की बढ़ेगी जवाबदेही, घटेगा जनता का भ्रम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi Governance: विभागीय सीमाएं समान होने पर अधिकारियों की बढ़ेगी जवाबदेही, घटेगा जनता का भ्रम
Sat, 13 Dec 2025 03:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 13 Dec 2025 03:22 AM IST
सार
दिल्ली सरकार ने सभी विभागों की सीमाओं को एक जैसा यानी को-टर्मिनस बनाने का प्रस्ताव रखा है।
विज्ञापन
Delhi Secretariat
- फोटो : X @TheRealDharm
विस्तार
दिल्ली सरकार शहर की कई साल पुरानी प्रशासनिक उलझन को खत्म करने की तैयारी में है। अभी तक राजस्व जिले, एमसीडी जोन, पुलिस जिले, एनडीएमसी, डीसीबी और अन्य विभाग अलग-अलग सीमाओं में काम करते हैं। इस वजह से नागरिकों को यह समझने में बहुत परेशानी होती है कि किसी सेवा या शिकायत के लिए कहां जाएं।
विज्ञापन
इसे हल करने के लिए दिल्ली सरकार ने सभी विभागों की सीमाओं को एक जैसा यानी को-टर्मिनस बनाने का प्रस्ताव रखा है। अब सरकार ने 11 की जगह 13 राजस्व जिले बनाने का फैसला किया है। इसी महीने अधिसूचना जारी होगी और नई व्यवस्था लागू हो जाएगी।
विज्ञापन
मकसद है कि दिल्ली के सभी विभाग एक ही राजस्व जिले और सब-डिविजन की सीमा के हिसाब से काम करें, ताकि प्रशासन एकीकृत और सरल बने। सीएम ने कैबिनेट मीटिंग के बाद इसे मंजूरी दी। विभागों के बीच तालमेल बढ़ेगा : अभी एक ही क्षेत्र में अलग-अलग विभागों की सीमाओं के कारण बैठकों, फैसलों और योजनाओं में देरी होती है। लेकिन एक जैसी सीमाएं होने से सभी विभाग एक ही प्रशासनिक इकाई में होंगे। इससे योजनाएं तेजी से बनेंगी, काम जल्द होगा और आपदा या किसी संकट की स्थिति में तेज समन्वय संभव होगा।
विज्ञापन
हर एक जिले में बनेगा मिनी सचिवालय
सरकार हर जिले में मिनी सचिवालय बनाने की योजना पर काम कर रही। अभी नागरिकों को प्रमाणपत्रों से लेकर लाइसेंस, सामाजिक योजनाओं, एमसीडी कामों और पुलिस क्लीयरेंस तक के लिए अलग-अलग इमारतों में जाना पड़ता है। नई व्यवस्था में सभी प्रमुख विभाग राजस्व, एमसीडी, पुलिस, योजना, ई-गवर्नेंस, डिजास्टर मैनेजमेंट एक ही परिसर में होंगे। इससे जिला मजिस्ट्रेट को भी निगरानी में सुविधा मिलेगी और जनता को एक ही जगह पर सभी सेवाएं आसानी से मिल सकेंगी।
डीएम होंगे मुख्य नोडल अधिकारी
नई व्यवस्था में जिला मजिस्ट्रेट सभी फ्रंटलाइन विभागों के लिए स्पष्ट जवाबदेह होंगे। इससे शिकायत निवारण तेज होगा और निगरानी प्रभावी बनेगी। अभी डिजिटल सिस्टम में भूलेख, ई-डिस्ट्रिक्ट, जीएसडीएल विभिन्न सीमाओं के कारण एक-दूसरे से नहीं जुड़ पाते। समान सीमाओं से यह दिक्कत खत्म हो जाएगी, रिकॉर्ड का एकीकरण आसान होगा और सेवाएं बिना रुकावट मिलेंगी। एक समान ढांचा शहरी योजना, कचरा प्रबंधन, पर्यावरण निगरानी, सड़क-बुनियादी ढांचे और आपदा प्रबंधन में भी तेजी और स्पष्टता लाएगा।
नागरिकों की सुविधा बढ़ेगी, घटेगी भागदौड़ : को-टर्मिनस व्यवस्था लागू
होने के बाद नागरिकों को यह पता रहेगा कि पूरा जिला एक ही प्रशासनिक ढांचे के तहत काम करता है। इससे लोगों को कम चक्कर लगाना पड़ेगा, अधिकारियों की जिम्मेदारी स्पष्ट होगी। इससे ईज ऑफ लिविंग में बड़ा सुधार होगा।