Ghazipur Landfill Fire: 18 घंटे बाद बुझी गाजीपुर लैंडफिल साइट पर आग, पुलिस ने दर्ज की FIR; लोगों ने की ये मांग
पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर स्थित कूड़े के पहाड़ पर लगी आग पर काबू पा लिया गया है। वहीं पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि धुएं की वजह से सांस लेने और आंखों में दिक्कत हो रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली-एनसीआर के बॉर्डर पर बने गाजीपुर स्थित कूड़े के पहाड़ में बीती शाम अचानक आग लग गई। देखते-देखते ही देखते आग ने कूड़े के पहाड़ के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। फिलहाल, आग पर काबू पा लिया गया है। वहीं पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है।
आग के मामले में पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर लैंडफिल साइट पर आग लगने के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस के अनुसार गाज़ीपुर पुलिस थाने में धारा 336 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना) और 278 (माहौल को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बनाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, कचरे के विशाल पहाड़ से उत्पन्न गैसों के कारण रविवार शाम लैंडफिल साइट पर बड़ी आग लग गई। हालांकि आग को करीब 18 घंटे बाद सोमवार सुबह काबू पा लिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह धुआं कोई आम धुआं नहीं है, यह बहुत जहरीला है। लोग जलन के कारण अपनी आंखें भी ठीक से नहीं खोल पा रहे हैं और उनको सांस लेने में कठिनाई हो रही है। कई लोगों ने तो यह भी दावा किया कि वह सोमवार को अपने बच्चों को स्कूल भी नहीं भेज पाए हैं।
स्थानीय लोग कर रहे ये मांग
स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि आग के धुएं से हमें सांस लेने में दिक्कत हो रही है। प्रदूषण के कारण हम बात नहीं कर पा रहे हैं। आग बीते दिन की सुबह से ही जारी है। प्रशासन ने कुछ नहीं किया है। हम चाहते हैं कि सरकार इस मुद्दे का समाधान करे।
#WATCH | Delhi: A local resident says, "We have been facing this problem since the 1990s. We are dealing with diabetes, BP, thyroid and irritation in the eyes. Even small children are suffering due to it... We are having irritation in the eyes. We are not able to go out... No one… https://t.co/7bpsLsUJjA pic.twitter.com/RAFJivtclc
— ANI (@ANI) April 22, 2024
कूड़े के पहाड़ में लगी आग पर एक स्थानीय निवासी ने कहा कि हम 1990 के दशक से इस समस्या का सामना कर रहे हैं। हम मधुमेह, बीपी, थायराइड और आंखों में जलन से जूझ रहे हैं। छोटे बच्चे भी इससे पीड़ित हैं। दिल्ली और केंद्र सरकार इस समस्या को सुलझाए।
धुएं की चपेट में पूरी कॉलोनी
दिल्ली के गाजीपुर लैंडफिल में लगी आग पर स्थानीय लोगों प्रतिक्रिया दे रहे हैं। गाजीपुर की रहने वाली एक महिला नाजरा ने कहा कि मैं यहां रहती हूं और धुएं से आंखों में परेशानी हो रही है। हमें सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। पूरी कॉलोनी परेशान है।
गाजीपुर में रहने वाली एक स्कूली छात्रा ने कहा कि हमारे गले में जलन हो रही थी और धुएं के कारण हमें खांसी हो रही थी। इस आग के कारण प्रदूषण हुआ है। हर कोई इससे पीड़ित है।
#WATCH | Delhi: A schoolgirl from the area says, "We were having irritation in the throat and we were coughing due to smoke. This fire caused pollution. Everyone is suffering from this." https://t.co/7bpsLsUJjA pic.twitter.com/WHkY4l6Sjq
— ANI (@ANI) April 22, 2024
लैंडफिल में पैदा हुई गैस से लगी आग
गाजीपुर लैंडफिल साइट पर आग लगने का सिलसिला जारी है। अभी भी आग बुझाने की कोशिशें जारी है। दिल्ली फायर सर्विस एसओ नरेश कुमार ने बताया कि आग लैंडफिल में पैदा हुई गैस के कारण लगी थी। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
दमकल कर्मियों का कहना था कि कूड़ों के पहाड़ में लगी आग अक्सर कई-कई दिनों तक चल जाती है। फिलहाल आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है। एक जगह आग बुझाई जाती है तो दूसरी जगह भड़क जाती है। वहीं, लैंडफिल साइट के आसपास रह रहे स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मियों में अक्सर यहां आग लग जाती है। पुलिस के मुताबिक रविवार शाम करीब 5.22 बजे सूचना मिली कि गाजीपुर लैंडफिल साइट में आग लग गई है।
दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कूड़े के दबाव से वहां मीथेन गैस बनती है, जिससे बार-बार दोबारा आग भड़कती है। आग गर्मी से खुद लगी या किसी मानवीय भूल की वजह से इसका पता नहीं चल सका है।