द्वारका मोड़ गैंगवार: मित्राऊं गांव से जुड़े तार, बदमाशों के हरियाणा और राजस्थान में छुपे होने का शक
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द्वारका मोड़ मेट्रो स्टेशन पर रविवार को हुई गैंगवार के तार मित्राऊं गांव से जुड़ रहे हैं। मौके से बरामद बाइक मित्राऊं गांव के युवक की है, जो घटना के बाद से फरार हैं। पुलिस को आशंका है कि युवक का वारदात के कुछ न कुछ संबंध है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि वारदात में शामिल बदमाशों के कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। जल्द बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गैंगवार के बाद पुलिस को मौके से एक बाइक मिली थी। जांच के बाद पुलिस बाइक मालिक से संपर्क करने उसके घर गई, लेकिन वह गायब है। वह बाइक लेने के लिए थाने भी नहीं पहुंचा। इससे पुलिस को शक है कि युवक वारदात में शामिल हो सकता है। हालांकि, मौके से मिले वीडियो में पुलिस को गोली चला रहा एक युवक हेलमेट पहने दिख रहा है। पुलिस को आशंका है कि बदमाश बाइक से मौके पर पहुंचा और फिर वारदात को अंजाम देकर कार से भाग निकला।
फिलहाल पुलिस टीम वीडियो फुटेज और आसपास के इलाकों में सीसीटीवी फुटेज के जरिये बदमाशों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। साथ ही, पुलिस मंजीत महाल गैंग के बदमाशों व विकास दलाल के करीबी से भी पूछताछ कर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश मेंजुटी है। पुलिस अधिकारियों को शक है कि वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश हरियाणा या राजस्थान में छिपे होंगे। पुलिस हरियाणा व राजस्थान जाने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरे को भी खंगाल रही है। अभी तक जांच में विकास के करीबी सूर्या व सनम नाम के बदमाशों पर वारदात को अंजाम देने का शक है।
चिकित्सकों का पैनल करेगा पोस्टमार्टम
गैंगवार में मारे गए दोनों बदमाशों का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया जाएगा। मंगलवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम किया जा सकता है। सोमवार दोपहर विकास के परिजनों ने झज्जर से डीडीयू अस्पताल पहुंचकर उसके शव की शिनाख्त की। रविवार को ही नवादा के रहने वाले दूसरे बदमाश प्रवीण की उसके परिवार वालों ने शिनाख्त कर ली थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एक बदमाश की मौत दिल्ली पुलिस के सिपाही की गोली से हुई है। नियमों के मुताबिक उसके शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से करवाया जाएगा। इसके अलावा पुलिस ने दूसरे बदमाश के शव का भी पोस्टमार्टम पैनल से कराने का फैसला किया है।
चिकित्सकों का पैनल करेगा पोस्टमार्टम
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान विकास और प्रवीण के परिवार वालों से पूछताछ की गई। दोनों से हत्या के कारणों के बारे में जानकारी हासिल करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कारणों के बारे में जानकारी से इंकार कर दिया। बताया जा रहा है कि मोहन गार्डन स्थित एक प्लॉट के झगड़े को लेकर वारदात को अंजाम दिया गया है। घरवालों का कहना है कि ऐसे किसी प्लॉट के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। विकास के घरवालों ने बताया कि उनका लंबे समय से विकास से संपर्क नहीं हुआ था। वहीं, प्रवीण के परिजनों ने बताया कि वह किसी को कुछ बताए बगैर रविवार दोपहर घर से निकला था।
प्रवीण पर कई मामले दर्ज
पुलिस जांच में सामने आया कि प्रवीण पर हत्या के कई मामले दर्ज हैं। गत मार्च माह में वह तिहाड़ जेल से जमानत पर बाहर आया था। प्रवीण मंजीत महाल गैंग का फाइनेंसर था, जबकि विकास भी पहले मंजीत महाल के गैंग से जुड़ा था। अनबन होने के बाद वह अपने कुछ साथियों के साथ दूसरे गैंग में शामिल हो गया था।