दिल्ली गैंगरेप: HC के फैसले को SC में चुनौती
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दिल्ली गैंगरेप और हत्या मामले में मौत की सजा पाने वाले दो दोषियों ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए फांसी की सजा तामील किए जाने पर रोक लगाने की मांग की है।
साथ ही हाईकोर्ट के उस फैसले को पलटने का आग्रह किया है, जिसमें निचली अदालत की ओर से तय की गई सजा और दोष को जारी रखा गया।
सर्वोच्च अदालत में यह अपील दोषी विनय शर्मा (21) और अक्षय सिंह (29) ने दायर की है। जबकि दो अन्य मुकेश (27) व पवन (20) पहले ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुके हैं। उनकी सजा को लागू किए जाने पर पहले ही अदालत रोक लगा चुकी है।
'HC के फैसले को दरकिनार किए जाने की जरूरत'
याद रहे कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 13 मार्च को दोषियों को निचली अदालत की ओर से दोषी करार दिए गए आरोपियों की मौत की सजा को बरकरार रखा था। हाईकोर्ट ने कहा था कि यदि यह मामला दुलर्भतम श्रेणी का नहीं है तो फिर कोई भी मामला उस श्रेणी में नहीं आता है।
दोषियों की ओर से हाईकोर्ट के फैसले को दरकिनार किए जाने की मांग करते हुए वकील एपी सिंह ने उनकी ओर से अपील दायर की है। विनय और अक्षय ने अपील में फांसी की सजा पर रोक लगाए जाने की मांग की है।
याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट के फैसले को दरकिनार किए जाने की जरूरत है क्योंकि साक्ष्य पर्याप्त नहीं हैं। इसके अलावा पीड़िता और उसके मित्र की ओर से दिए गए बयान में विरोधाभास है।