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दिल्ली: प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना के तहत नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी
Sat, 12 Jun 2021 05:32 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Sat, 12 Jun 2021 05:32 PM IST
सार
राजापुरी, मधु विहार निवासी पूजा विष्ट ने डाबड़ी थाने में ठगी की शिकायत दी है। जिसमें उसने बताया कि उसने नौकरी पाने के लिए ऑनलाइन वेबसाइट क्विकर पर अपना बायोडाटा अपलोड कर रखा है।
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- फोटो : pixabay
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विस्तार
दिल्ली के डाबड़ी इलाके में प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना के तहत नौकरी का झांसा देकर ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने पूरी प्रक्रिया में शुल्क लगने की बात कहकर पीड़िता से एक लाख की ठगी कर फरार हो गया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ठगी का मामला दर्ज कर आरोपियों की पहचान करने में जुट गई है। पुलिस को शक है कि इस तरीके को अपनाकर कई लोगों से ठगी की गई होगी।
राजापुरी, मधु विहार निवासी पूजा विष्ट ने डाबड़ी थाने में ठगी की शिकायत दी है। जिसमें उसने बताया कि उसने नौकरी पाने के लिए ऑनलाइन वेबसाइट क्विकर पर अपना बायोडाटा अपलोड कर रखा है। एक दिन उसके पास अभिषेक कुमार नाम के व्यक्ति का फोन आया।
जिसने बताया कि वह प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना से बात कर रहा है। सरकार ने इस कंपनी को लोगों को रोजगार देने के लिए बनाया है। वह इस कंपनी को वर्ष 2015 से चला रहा है। उसने कहा कि सरकार इसके लिए आवेदकों को 85 हजार रुपये देती है। जिससे फोन, लैपटॉप खरीदना होता है। नौकरी पाने वालों को सिर्फ एक सौ एसएमएस करने होते हैं। इसके एवज में उसे प्रतिमाह 26 हजार रुपये वेतन मिलेगा।
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उसके बाद आरोपी ने 85 हजार रुपये जमा करने के लिए पीड़िता से उसका बैंक खाता नंबर मांगा। लेकिन अगले दिन ही उसने बताया कि आरबीआई ने रुपये जमा करने पर रोक लगा दी है। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अब शुल्क देने होंगे। इस तरह से अलग अलग तरीके बताकर पीड़िता से शुल्क लेकर बैंक खाते में करीब एक लाख रुपये जमा करवाए गए।
एक लाख रुपये देने के बावजूद नौकरी नहीं लगने पर पीड़िता को ठगी का एहसास हुआ और उसने साइबर क्राइम यूनिट में अपनी शिकायत दी। जिसकी छानबीन करने के बाद 10 जून को इस बाबत डाबड़ी थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और छानबीन की जा रही है।
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राजापुरी, मधु विहार निवासी पूजा विष्ट ने डाबड़ी थाने में ठगी की शिकायत दी है। जिसमें उसने बताया कि उसने नौकरी पाने के लिए ऑनलाइन वेबसाइट क्विकर पर अपना बायोडाटा अपलोड कर रखा है। एक दिन उसके पास अभिषेक कुमार नाम के व्यक्ति का फोन आया।
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जिसने बताया कि वह प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना से बात कर रहा है। सरकार ने इस कंपनी को लोगों को रोजगार देने के लिए बनाया है। वह इस कंपनी को वर्ष 2015 से चला रहा है। उसने कहा कि सरकार इसके लिए आवेदकों को 85 हजार रुपये देती है। जिससे फोन, लैपटॉप खरीदना होता है। नौकरी पाने वालों को सिर्फ एक सौ एसएमएस करने होते हैं। इसके एवज में उसे प्रतिमाह 26 हजार रुपये वेतन मिलेगा।
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उसके बाद आरोपी ने 85 हजार रुपये जमा करने के लिए पीड़िता से उसका बैंक खाता नंबर मांगा। लेकिन अगले दिन ही उसने बताया कि आरबीआई ने रुपये जमा करने पर रोक लगा दी है। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अब शुल्क देने होंगे। इस तरह से अलग अलग तरीके बताकर पीड़िता से शुल्क लेकर बैंक खाते में करीब एक लाख रुपये जमा करवाए गए।
एक लाख रुपये देने के बावजूद नौकरी नहीं लगने पर पीड़िता को ठगी का एहसास हुआ और उसने साइबर क्राइम यूनिट में अपनी शिकायत दी। जिसकी छानबीन करने के बाद 10 जून को इस बाबत डाबड़ी थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और छानबीन की जा रही है।