Delhi Flood: यमुना की बाढ़ से बचाने के लिए लोगों को बाहर निकाला, सुविधाओं को लेकर राजनीति भी तेज
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
विस्तार
दिल्ली में यमुना खतरे के निशान को पार कर गई है और बाढ़ का पानी राजधानी के निचले इलाकों में भर गया है। दिल्ली में हथिनिकुंड बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है। जिस कारण खादर इलाकों में यमुना का पानी घुस गया है। लोगों को बाढ़ के नुकसान से बचाने के लिए भजनपुरा, सोनिया विहार, गीता कॉलोनी, आईटीओ और ओखला तक टेंट बनाए गए हैं, जहां निचले इलाकों से लाकर लोगों को ठहराया जा रहा है। प्रशासन ने इन राहत कैंपों में पर्याप्त सुविधाएं पहुंचाने का दावा किया है। हालांकि, बाढ़ पीड़ितों ने उन तक सुविधाएं न पहुंच पाने का आरोप लगाया है। दिल्ली सरकार और भाजपा ने भी लोगों की मदद करनी शुरू कर दी है। इस मामले पर भी आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति गरमा गई है।
आईटीओ पर बने एक टेंट में रहने वाली शांति देवी ने अमर उजाला से कहा कि बुधवार दोपहर तीन बजे तक उनके पास केवल एक बार पानी का टैंकर पहुंचा था। उनके आसपास लगभग सौ परिवारों ने सड़क पर बने टेंटों को ही अपना ठिकाना बना लिया है, लेकिन उन तक पर्याप्त सुविधाएं नहीं पहुंच रही हैं और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शशि ने कहा कि वे तीन दिन से यहां रह रही हैं, लेकिन लोगों तक पर्याप्त सुविधाएं नहीं पहुंच रही हैं। खाने पीने की चीजों के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर मच्छरों के कारण रात के समय सोना भी संभव नहीं हो पा रहा है। बच्चों के लिए समस्या बहुत बढ़ गई है और उन्हें गंभीर बीमारियां होने का खतरा बढ़ गया है।
रात भर कर रहे ड्यूटी- सुरक्षा में लगा कर्मचारी
रामपाल उन 300 लोगों की टीम में शामिल हैं जो रात-रात भर जागकर बाढ़ की स्थिति का लगातार निरीक्षण करते हैं। उन्होंने अमर उजाला को बताया कि उनकी टीम हर बड़े नालों पर दृष्टि रखती है और किसी भी एरिया से ज्यादा पानी आने की स्थिति में बड़ी मोटरों के द्वारा पानी निकालकर यमुना में बहाया जाता है। इससे रिहायशी इलाकों में पानी का स्तर कम करने में मदद मिलती है।
सरकार की निगरानी तेज
दिल्ली सरकार ने बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद देने की बात कही है। आतिशी मार्लेना ने बुधवार को भी कई इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को 24 घंटे सतर्क रहने के लिए कहा है। अगले 24 घंटे में जल स्तर बढ़ सकता है, लिहाजा हर स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
राजस्व मंत्री आतिशी ने कहा कि शिविरों में लोगों के रहने की, खाने-पानी, मेडिकल सहित अन्य तमाम व्यवस्था सुनिश्चित की गई हैं। खासतौर पर जिन कैंपों में बहुत से बच्चे भी हैं, जिनके लिए मेडिकल सुविधा सुनिश्चित की गई हैं। प्रशासन को पंखे लगाने व अन्य सुविधाएं मुहैया करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने नहीं किया पर्याप्त इंतजामः भाजपा
भाजपा बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए लगातार सक्रिय है। पहले दिन से ही पार्टी ने अपने सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं को बाढ़ पीड़ित लोगों की मदद करने के निर्देश दिए हैं। पार्टी ने ट्रकों के जरिए आवश्यक सामान भेजकर बाढ़ पीड़ित लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की है।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा है कि जब-जब दिल्ली पर कोई संकट आता है, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने राजनीतिक कारणों से बाहर रहते हैं। वे केवल केंद्र से मदद मांगने का काम करते हैं, लेकिन बाद में काम का श्रेय स्वयं लेने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि आज जब दिल्ली के लोग बाढ़, जलभराव एवं सड़कें धंसने की परेशानी झेल रहे हैं, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लापता हैं। उन्होंने सरकार पर बाढ़ पीड़ितों की पर्याप्त मदद न करने का आरोप लगाया।