दिल्ली के किसान ने दी इंसानियत की मिसाल, 10 प्रवासियों को विमान से भेजा घर
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एक तरफ जहां लॉकडाउन के चलते प्रवासी मजदूरों को कोई ठिकाना नहीं है। ज्यादातर प्रवासी मजदूरों को उनके मालिकों ने अपने हाल पर छोड़ दिया है, वहीं दिल्ली के बख्तावरपुर इलाके के तिग्गीपुर के किसान पप्पन सिंह गहलोत ने बिहार के 10 प्रवासी मजदूरों को दिल्ली में दो माह तक अपने पास रखा। यात्री विमान सेवाएं शुरू होने के बाद इंडिगो की फ्लाइट से इन्हें पटना भेजा।
समस्तीपुर के खानपुर के श्रीपुर गाहर और आसपास के गांव के करीब 50 मजदूर अगस्त महीने से पप्पन सिंह गहलोत के यहां मशरुम की खेती कर रहे थे। लॉकडाउन के कारण ये मजदूर यहां दिल्ली में फंस गए। तब गहलोत ने मजदरों के लिए खाने-पीने का इंतजाम किया और उनके परिवार को पैसा भी भेजा। इसके बाद विमान सेवा शुरू होते ही, उन्होंने सभी 10 मजदूरों नवीन राम, महेश राम, अर्जुन राम, लखींद्र राम, प्रवीण राम, चंदेश्वर राम, अमरजीत राम, जीवठ राम, दिनेश राम और जितेंद्र राम को दिल्ली से पटना भेजने के लिए फ्लाइट की टिकट दी।
We tried to book trains tickets but were unable to do it. Then we thought these people have been working with us for over 20 years, their journey should be safe, so we got them medically examined & arranged flight tickets for them: Niranjan Gehlot, brother of farmer Pappan Gehlot https://t.co/hPzbelyUhu pic.twitter.com/tlar2RI6sZ
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) May 28, 2020
जानकारी के मुताबिक गहलोत ने प्रति टिकट के लिए 6800 रुपये की रकम चुकाई। एक मजदूर ने बताया कि गहलोत ने पटना से घर पहुंचने के लिए हर प्रवासी को 3-3 हजार रुपये भी दिए थे।
प्रवासी मजदूरों ने बताया कि होली पर 40 मजदूर घर चले गए थे। उन्होंने बताया कि गहलोत जी ने हमे भरोसा दिलाया की वो हमें खाना-पानी देंगे। हमने उनसे कहा कि हमे श्रमिक ट्रेन से भेज दीजिए पर उन्होंने भीड़ के चलते कोरोना संक्रमण के डर से मना कर दिया। गहलोत ने सभी मजदूरों की कोरोना जांच भी कराई और विमान से उनके घर भेजने की पूरी व्यवस्था की।