दिल्ली में गहरा सकता है बिजली संकट, ऊर्जा मंत्री ने केंद्र से की कोयले की आपूर्ति करवाने की गुजारिश
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गर्मी में बिजली की बढ़ी मांग के बीच दिल्लीवासियों को ब्लैक आउट का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली सरकार के मुताबिक, राजधानी के ताप विद्युत संयंत्रों में कोयले का स्टॉक दो दिन के लिए भी नहीं बचा है। हैरानी की बात ये है कि बीते दस दिन से लगातार संयंत्रों में आने वाले कोयले की मात्रा में कमी आई है।
दिल्ली सरकार के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि राजधानी को बिजली आपूर्ति करने वाले बदरपुर, दादरी और झज्जर स्थित तीनों बिजली संयंत्रों में कोयले का स्टॉक बमुश्किल 1.5 दिन का है। इस बारे में केंद्रीय कोयला मंत्री आरके सिंह को एक पत्र लिखा गया है। इसमें कोयला सप्लाई सामान्य करवाने की गुजारिश केंद्रीय मंत्री से की गई है।
सत्येंद्र जैन ने बताया कि तीनों बिजली संयंत्रों से प्रतिदिन 2,426 मेगावाट बिजली पैदा होती है। इनमें रोज 56,000 टन कोयला चाहिए। वहीं, एक बिजली संयंत्र में न्यूनतम 15 दिन कोयले का स्टॉक होना चाहिए, लेकिन तीनों प्लांट के पास 36 घंटे चलाने के लिए ही कोयला बचा है।
इसकी बड़ी वजह कोयला लाने के लिये रेलवे से रैक न मिल पाना है। बीते एक हफ्ते में सबसे ज्यादा स्टॉक 20 जून को रहा। इस दिन का स्टॉक तीन दिन का था। इसके बाद लगातार गिरावट आई है। 27 जून को यह 36 घंटे का बचा है।
उद्यमियों को होगा फायदा
सत्येंद्र जैन के मुताबिक, केंद्र सरकार ने अगर कोयले का इंतजाम नहीं किया, तो दिल्ली में बिजली संकट गहरा सकता है। ब्लैक आउट होने की भी संभावना है। दिल्ली में प्रतिदिन तकरीबन 6500 मेगावाट बिजली की खपत होती है। इसमें से आधी बिजली ताप आधारित उक्त बिजली संयंत्रों से मिलती है।
सत्येंद्र जैन ने बताया कि बिजली की नई दरें लागू होने के बाद फिक्स्ड चार्ज बढ़ गया है। उद्यमियों ने शिकायत की थी कि लोड बढ़ने पर अनाप-शनाप बिल आ रहे थे। कई मामलों में बकाया तीन से चार लाख रुपये तक आ रहा था। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने बिजली कंपनियों से कहा है कि बढ़े लोड पर ही अतिरिक्त चार्ज लें।
डीईआरसी को भी इस बारे में जानकारी दे दी गई है। उम्मीद है कि पंद्रह दिन में आयोग आदेश जारी कर देगा। इसके बाद सिक्योरिटी डिपोजिट केवल बढे़ हुए लोड पर लिया जाएगा, न कि पूरे लोड पर। उन्होंने बताया कि इसके दायरे में सभी तरह के उपभोक्ता आएंगे। हालांकि, सबसे ज्यादा फायदा उद्यमियों को मिलेगा।