Delhi Excise Policy: ईडी ने तिहाड़ जेल में सिसोदिया से छह घंटे की पूछताछ, एक और व्यवसायी गिरफ्तार
Manish Sisodia Case मनीष सिसोदिया दिल्ली के कथित शराब घोटाला मामले में 20 मार्च तक न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद हैं।
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दिल्ली आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन मामले में मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से तिहाड़ जेल में छह घंटे तक पूछताछ की। ईडी के अधिकारियों ने सिसोदिया का बयान दर्ज किया। सोमवार शाम ईडी ने राउज एवेन्यू कोर्ट से सिसोदिया से पूछताछ करने की इजाजत मांगी थी। अदालत ने सोमवार को मनीष सिसोदिया को 20 मार्च तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। इस पहले सीबीआई सिसोदिया को सात दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ कर चुकी है। वहीं, ईडी ने हैदराबाद के शराब कारोबारी अरुण रामचंद्र पिल्लई को भी गिरफ्तार कर लिया है।
मंगलवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे ईडी के दो अधिकारी की टीम मनीष सिसोदिया से पूछताछ करने के लिए जेल संख्या एक में पहुंचे। इससे पहले ही जेल में बंद मनीष सिसोदिया को पूछताछ किए जाने को लेकर जानकारी दे दी गई थी। अधिकारियों के पहुंचने के बाद मनीष सिसोदिया को उनके सेल से ड्योढी (कार्यालय) में लाया गया। ईडी की टीम इस मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों को लेकर तिहाड़ जेल पहुंची थी। अधिकारियों के जेल के अंदर जाने के कुछ देर बाद आरोपियों को भी जेल के भीतर ले जाया गया।
ईडी का दावा है कि इन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सिसोदिया के इस मामले में संलिप्त होने की बात सामने आई है। इसलिए आरोपी का सिसोदिया से आमना सामना कराया गया और उनके सामने भी कुछ सवाल किए गए। बाद में उनका बयान दर्ज किया गया।
जेल सूत्रों का कहना है कि इस दौरान अधिकारियों ने सिसोदिया से शराब नीति में बदलाव के कारणों के बारे में पूछा। साथ ही उनसे इस मामले में लिए गए रिश्वत के बारे में भी सवाल किए गए। करीब छह घंटे की पूछताछ के बाद शाम करीब छह बजे ईडी की टीम जेल से बाहर निकल गई।
सिसोदिया पर क्या हैं आरोप
सिसोदिया और आप के अन्य सदस्यों के खिलाफ सीबीआई का आरोप है कि उन्होंने रिश्वत के बदले कुछ व्यापारियों को शराब के लाइसेंस दिए। यह आरोप लगाया गया है कि उत्पाद शुल्क नीति में इस तरह से बदलाव किया गया जिससे कुछ व्यापारियों को लाभ हुआ और इसके बदले रिश्वत प्राप्त हुई।
दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) वीके सक्सेना द्वारा दिल्ली के मुख्य सचिव की एक रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई जांच की सिफारिश करने के बाद कथित घोटाले के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई ने मामले दर्ज किए। रिपोर्ट में दावा किया गया कि उपमुख्यमंत्री ने वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन किया और एक ऐसी नीति अधिसूचित की जिसके महत्वपूर्ण वित्तीय प्रभाव थे।
हालांकि सीबीआई की चार्जशीट में सिसोदिया का नाम नहीं था, लेकिन जांच उनके और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ खुली रही आप ने आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि सिसोदिया निर्दोष हैं। वहीं सिसोदिया ने कहा कि नीति और उसमें किए गए बदलावों को एलजी ने मंजूरी दी थी और सीबीआई अब एक चुनी हुई सरकार के नीतिगत फैसलों पर काम कर रही है।
यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी गया था जब सिसोदिया ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी। हालांकि, शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया और उन्हें पहले दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को कहा।