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Delhi EV Policy: तीन साल से कम वारंटी वाले ईवी मॉडल को नहीं मिलेगी सब्सिडी, सरकार ने तय किए पात्रता मानक

Thu, 09 Jul 2026 01:55 AM IST
दुष्यंत शर्मा धनंजय मिश्रा, दिल्ली
धनंजय मिश्रा, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 09 Jul 2026 01:55 AM IST
सार

अब केवल वही इलेक्ट्रिक वाहन मॉडल सब्सिडी के पात्र होंगे, जो सरकार द्वारा निर्धारित तकनीकी, गुणवत्ता और लोकलाइजेशन संबंधी शर्तों को पूरा करेंगे।

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Delhi EV Policy: EV models with a warranty of less than three years will not receive a subsidy.
1 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पॉलिसी-2026 के तहत खरीद प्रोत्साहन (सब्सिडी) के लिए वाहन मॉडलों की तकनीकी पात्रता के मानक तय कर दिए हैं। अब केवल वही इलेक्ट्रिक वाहन मॉडल सब्सिडी के पात्र होंगे, जो सरकार द्वारा निर्धारित तकनीकी, गुणवत्ता और लोकलाइजेशन संबंधी शर्तों को पूरा करेंगे।

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नई व्यवस्था के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए कम से कम तीन वर्ष या 20 हजार किलोमीटर (जो पहले पूरा हो) की निर्माता वारंटी अनिवार्य होगी। वहीं, एन-1 श्रेणी के इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहनों के लिए बैटरी सहित न्यूनतम तीन वर्ष की व्यापक निर्माता वारंटी देना जरूरी होगा। निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करने वाले मॉडलों को दिल्ली ईवी पॉलिसी के तहत खरीद प्रोत्साहन का लाभ नहीं मिलेगा।
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किसी भी नए मॉडल को सब्सिडी के दायरे में शामिल करने से पहले मॉडल अप्रूवल कमेटी उसकी तकनीकी जांच करेगी। वाहन निर्माता (ओईएम) को बैटरी क्षमता, बैटरी का प्रकार (फिक्स्ड या स्वैपेबल), बैटरी और बैटरी सेल निर्माता, ऊर्जा घनत्व (स्पेसिफिक एनर्जी डेंसिटी), बैटरी की साइकिल लाइफ, वारंटी, टाइप अप्रूवल, होमोलोगेशन सहित अन्य तकनीकी दस्तावेज जमा करने होंगे। इन दस्तावेजों के आधार पर समिति तय करेगी कि मॉडल सब्सिडी के योग्य है या नहीं।
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यदि मंजूरी मिलने के बाद किसी वाहन मॉडल की तकनीकी विशिष्टताओं, बैटरी स्पेसिफिकेशन या पात्रता को प्रभावित करने वाले किसी अन्य पहलू में बदलाव किया जाता है, तो वाहन निर्माता को इसकी सूचना परिवहन विभाग को देनी होगी। संशोधित मॉडल को दोबारा मंजूरी मिलने के बाद ही उसे सब्सिडी के लिए पात्र माना जाएगा।

डीलर लिखित में बताएगा, वाहन सब्सिडी के योग्य है या नहीं
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल वही वाहन मॉडल खरीद प्रोत्साहन के लिए मान्य होंगे, जिन्हें मॉडल अप्रूवल कमेटी की मंजूरी के बाद विभाग के पोर्टल पर प्रकाशित किया जाएगा। अधिकृत डीलरों को बुकिंग के समय खरीदार को लिखित रूप से बताना होगा कि संबंधित मॉडल सब्सिडी के लिए पात्र है या नहीं। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को गलत जानकारी देकर वाहन बेचने की आशंका खत्म करना और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।


नए ईवी मॉडल पर 7-7 दिन में होगा फैसला
ईवी पॉलिसी-2026 के तहत गठित मॉडल अप्रूवल कमेटी नए वाहन मॉडलों के आवेदन पर सात कार्य दिवस के भीतर निर्णय देगी या कमियां बताकर आवेदन वापस भेजेगी। कंपनियों को कमियां दूर करने के लिए सात कार्य दिवस मिलेंगे। इसके बाद समिति अगले सात कार्य दिवस में अंतिम फैसला करेगी कि संबंधित मॉडल खरीद प्रोत्साहन के लिए पात्र है या नहीं। मंजूरी मिलने के बाद ही मॉडल का नाम परिवहन विभाग के पोर्टल पर प्रकाशित होगा और उसी पर सब्सिडी का लाभ मिलेगा।

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