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दिल्ली चुनाव 2025 : दलबदलुओं के लिए आसान नहीं जीत की डगर, सियासी संग्राम में पाला बदलने वालों का यह रहा स्कोर
Fri, 17 Jan 2025 05:43 AM IST
दुष्यंत शर्मा
आशीष सिंह, नई दिल्ली
आशीष सिंह, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 17 Jan 2025 05:43 AM IST
सार
राजनीतिक दल जोर-शोर से चुनाव प्रचार में जुटे हैं। हर दल में दलबदलू प्रत्याशी की अहमियत बढ़ गई है। मुख्य दलों ने बखूबी से बड़ी संख्या में दलबदलुओं को चुनावी मैदान में उतारा है।
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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली विधानसभा चुनाव की रणभूमि तैयार है। राजनीतिक दल जोर-शोर से चुनाव प्रचार में जुटे हैं। हर दल में दलबदलू प्रत्याशी की अहमियत बढ़ गई है। मुख्य दलों ने बखूबी से बड़ी संख्या में दलबदलुओं को चुनावी मैदान में उतारा है। ऐसे में दलबदलू अपने आपको पार्टी के विचारों को साबित करने की जुगत में लगे हैं। 2020 विधानसभा चुनाव में कुल 14 प्रत्याशियों ने अपने दल बदल कर अपनी किस्मत आजमाई थी। इसमें सात प्रत्याशियों को जीत का स्वाद चखने को मिला था। बाकि, सात प्रत्याशी धड़ाम हो गए थे। ऐसे में सियासी संग्राम में पाला बदलने वालों का 50 फीसदी स्कोर रहा है।
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खास बात यह कि कांग्रेस और भाजपा से आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल होने वाले प्रत्याशियों की जीत सबसे अधिक है। पिछले चुनाव में सात में से छह प्रत्याशी आप से विजयी हुए थे। जबकि आठ प्रत्याशियों को भाजपा और कांग्रेस में जाने के बाद हार का सामना करना पड़ा था। 2020 विधानसभा के नतीजों पर नजर डालें तो चर्चित चेहरों में आप से भाजपा में शामिल होने के बाद कपिल मिश्रा को हार मिली थी। जबकि आप से कांग्रेस में आईं अल्का लंबा, आदर्श शास्त्री व भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुई पूनम आजाद को भी हार का सामना करना पड़ा था। इस बार भी विधानसभा चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला है। आम आदमी पार्टी लगातार फिर एक बार सत्ता प्राप्त करने के लिए चुनाव मैदान में है। जबकि, भाजपा अपना 1998 के बाद का सूखा खत्म करना चाहती है। वहीं, कांग्रेस अपनी खोई सियासी जमीन की तलाश में है।
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पूर्व मंत्री से लेकर पार्टी अध्यक्ष तक हैं दलबदलू मैदान में
चुनावी बिगुल बजने के साथ ही इस बार भी कई दलबदलू चुनावी दंगल में उतर आए हैं। इसमें दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत, राजकुमार आनंद भाजपा की टिकट पर मैदान में हैं। उधर, पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सरदार अरविंदर सिंह लवली, राजकुमार चौहान, कांग्रेस से भाजपा में आए नीरज बसोया, आप से भाजपा में आए करतार सिंह तंवर, प्रियंका गौतम, मनीष चौधरी व बीएसपी से आए नारायण दत्त शर्मा भी भाजपा से अपनी किस्मत आजमाने उतरे हैं। जबकि, भाजपा से आप में शामिल हुए पद्मश्री जितेंद्र सिंह शंटी, ब्रह्म सिंह तंवर, सुरेंद्र पाल सिंह बिट्टू, रमेश पहलवान, अनिल झा के साथ कांग्रेस के पूर्व विधायक सुमेश शौकीन, महेंद्र चौधरी चुनावी दंगल में हैं। इसी तरह आप से कांग्रेस में आए देवेंद्र सहरावत, अब्दुल रहमान,धर्मपाल लाकड़ा, राजेश कुमार गुप्ता व हाजी मोहम्मद इशराक खान मैदान में हैं। इन नेताओं का पार्टी बदलना इस बार चुनावी दंगल को और दिलचस्प बना रहा है।
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भाजपा ने सबसे अधिक दलबदलुओं पर जताया भरोसा
विधानसभा चुनाव के आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक दल बदलुओं पर भाजपा ने 9 दलबदलुओं पर भरोसा जताकर टिकट दिया है।उधर, आम आदमी पार्टी ने भरोसा जताया है। इस बार भी आप ने कुल सात दलबदलू प्रत्याशियों चुनावी अखाड़े में उतारा है। खास बात है कि कांग्रेस ने सबसे कम दलबदलुओं को मैदान में उतारा है। इसमें अभी तक केवल पांच दलबदलुओं पर भरोसा जताया है। ऐसे में इस चुनाव में अब तक 21 दलबदलू इस बार मैदान में हैं। जबकि 2020 में 14 दलबदलुओं ने अपनी किस्मत आजमाई थी।