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Delhi Elections 2025 : आप को अपने ही दुर्ग में मिल रही जबर्दस्त चुनौती, बदले-बदले से हालात नजर आते हैं...

Sun, 02 Feb 2025 05:47 AM IST
दुष्यंत शर्मा योगेश तिवारी, नई दिल्ली
योगेश तिवारी, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 02 Feb 2025 05:47 AM IST
सार

अबकी बार इन सीटों पर समीकरण बदले हुए दिख रहे हैं। इस बदलाव का कारण कहीं पर अपनों से घिरना तो कहीं विपक्ष के कद्दावर प्रत्याशियों की चुनौती है।

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Delhi Elections 2025: AAP is facing a tremendous challenge in its own fort.
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आम आदमी पार्टी के सामने गढ़ माने जाने वाले पांच विधानसभा क्षेत्रों में बदलते समीकरणों के चलते कड़ी चुनौती मिल रही है। वर्ष 2020 में इन सीटों को लेकर पार्टी खासी आश्वस्त थी और यहां उसे बड़ी जीत भी मिली। बड़ी जीत का आधार आप के साथ क्षेत्रीय समीकरण भी बने, लेकिन अबकी बार इन सीटों पर समीकरण बदले हुए दिख रहे हैं। इस बदलाव का कारण कहीं पर अपनों से घिरना तो कहीं विपक्ष के कद्दावर प्रत्याशियों की चुनौती है।

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बुराड़ी
बुराड़ी विधानसभा सीट पर आप प्रत्याशी संजीव झा को जीत मिली थी। संजीव ने जदयू के शैलेंद्र कुमार को 88,158 वोटों के बड़े अंतर से हराया था। आप के संजीव झा को कुल 139598 वोट मिले थे, वहीं जदयू को 51440 वोट मिले थे। कांग्रेस के जेएस चौहान को महज 6,750 वोट से संतोष करना पड़ा था। संजीव झा को आप ने चौथी बार चुनावी मैदान में उतारा है।
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इस चुनाव में कुछ इस तरह बदले समीकरण
कांग्रेस ने प्रत्याशी बदला है और मंगेश त्यागी को उतारा गया है। त्यागी कांग्रेस के कार्यकर्ता है और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में भी काम करते हैं। भाजपा ने यह सीट जदयू को फिर से गठबंधन में दी है। जदयू ने फिर से शैलेंद्र कुमार को प्रत्याशी बनाया है। सीट पर बड़ी संख्या में पूर्वांचली खासकर बिहारी मतदाता हैं। इस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस पूर्वांचली मतदाताओं के लिए फ्रंट पर हैं। भाजपा और आप दोनों में अंदरखाने यहां टिकट को लेकर असंतोष है।
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ओखला
2020 चुनाव में ओखला सीट पर दिल्ली की दूसरी सबसे बड़ी जीत थी। आप के प्रत्याशी अमानतुल्लाह खान ने बीजेपी के ब्रह्म सिंह को 71,827 के बड़े अंतर से हराया था। आम आदमी पार्टी के अमानतुल्लाह खान को कुल 130367 वोट तो वहीं भाजपा के ब्रह्म सिंह को 58540 मत मिले थे। इसके पहले 2015 चुनाव में भी अमानतुल्लाह खान यहां से जीत कर विधायक बने थे। 2020 में कांग्रेस के प्रत्याशी परवेज हाशमी तीसरे नंबर पर 5123 वोट पाकर रहे थे।

इस बार कुछ ऐसे बदले समीकरण
ओखला विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम मतदाता ज्यादा बताए जाते हैं। इनकी संख्या करीब 43 प्रतिशत हैं। भाजपा, कांग्रेस ने यहां से प्रत्याशी बदला है और एआईएमआईएम ने भी यहां से दिल्ली दंगों के आरोपी शिफाउर रहमान को टिकट दिया है। शिफाउर रहमान जेल में हैं और उनकी पत्नी चुनाव की कमान संभाले हुए हैं। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी उनके पक्ष में यहां सभा कर चुके हैं। भाजपा ने मनीष चौधरी को प्रत्याशी बनाया है। वहीं कांग्रेस ने आरिबा खान को प्रत्याशी बनाया है। वह पार्षद हैं। उनके पिता आसिफ मोहम्मद खान दो बार इस सीट से विधायक रह चुके हैं।

सीमापुरी
दिल्ली की इस सीट पर 2020 के विधानसभा चुनाव नतीजों में राजेंद्र पाल गौतम ने 56,108 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। उन्होंने तब लोक जनशक्ति पार्टी के विधायक संत लाल को हराया था। तीसरे नंबर पर कांग्रेस के वीर सिंह धिंगान 7568 वोट पाकर रहे थे। राजेंद्र पाल यहां पर 2015 और 2020 में लगातार दो बार विधायक बने थे।

इस बार कुछ इस तरह बदले समीकरण
राजेंद्र पाल गौतम ने अब आप में नहीं हैं, वह कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। इस बार भाजपा से रिंकू मैदान में हैं। ढाई साल पहले वह कांग्रेस में थीं। दो बार कांग्रेस से पार्षद रहीं। 2022 के निगम चुनाव से पहले वह भाजपा में आ गईं थीं। लेकिन चुनाव जीत नहीं पाई थी। आप से चुनाव लड़ रहे वीर सिंह धिंगान भी कुछ महीने पहले तक कांग्रेस में थे। यहां पर 2015 और 2020 के दोनों चुनाव राजेंद्र पाल गौतम ने जीते थे।

मटिया महल
आप के शोएब इकबाल ने भाजपा के रवींद्र गुप्ता को 50,241 वोटों से हराया था। शोएब इकबाल को 2020 के चुनाव में कुल 67282 वोट मिले थे तो वहीं रवींद्र गुप्ता को मात्र 17041 वोट ही मिले थे। वहीं तीसरे नंबर पर कांग्रेस के मिर्जा जावेद अली रहे थे जिनको 3409 वोट मिले थे।

इस बार कुछ इस तरह बदले समीकरण
इस बार आप ने शोएब इकबाल की जगह उनके बेटे आले इकबाल को प्रत्याशी बनाया है। भाजपा ने भी यहां से प्रत्याशी बदलते हुए दीप्ति इंदौरा को टिकट दिया है। कांग्रेस ने भी अपना प्रत्याशी बदल कर आसिम मोहम्मद खान को प्रत्याशी बनाया है। वह 2015 में आप से विधायक बन चुके हैं और लगातार पांच बार से विधायक रहे शोएब इकबाल को हराया था। इसके बाद शोएब इकबाल ने दल बदलकर 2020 में आप से चुनाव लड़ा था। इस तरह आसिम आप व आले इकबाल दोनों के लिए चुनाव में चुनौती पेश करने का दावा कर रहे हैं।

सुल्तानपुर माजरा
आप के मुकेश कुमार अहलावत ने भाजपा के रामचंद्र चावरिया को 48052 वोट से हराया था। मुकेश कुमार को 74573 तो रामचंद्र को 26521 वोट मिले थे। वहीं कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही थी। इस सीट पर कभी भाजपा नहीं जीती है। आप से मुकेश कुमार फिर मैदान में हैं।


इस बार कुछ इस तरह बदले समीकरण
2020 के चुनाव में इस सीट पर भाजपा का मतप्रतिशत 10 प्रतिशत बढ़ा है। भाजपा ने प्रत्याशी भी बदला है,कर्म सिंह कर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है। 2020 के चुनाव में भाजपा ने उन्हें मंगोलपुरी से टिकट दी थी। मंगोलपुरी में कर्म सिंह आप प्रत्याशी राखी बिरला से चुनाव हारे थे। सुल्तानपुर में भाजपा का मत प्रतिशत भी बढ़ा है। यहां 2015 के चुनाव में भाजपा को 13.71 प्रतिशत मत मिले थे, 2020 में भाजपा को 23.65 प्रतिशत मत मिले। वहीं कांग्रेस से चार बार विधायक रहे चुके व सातवीं बार चुनाव लड़ रहे जयकिशन मैदान में हैं।

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