21 दलबदलुओं में 8 पास: आप-कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए दिल्लीवासियों को भाए, पाला बदलने में माहिर रहे हैं ये सभी
Delhi Elections Result 2025: भाजपा से आप में आए अनिल झा ने किराड़ी, प्रवेश रतन ने पटेल नगर और कांग्रेस से आप में आए चौधरी जुबैर अहमद को मैदान में उतारा था। इन्हें जीत का सेहरा मिला है।
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दिल्ली विधानसभा चुनाव के स्पष्ट जनादेश से दलबदलुओं यानी पुरानी घोड़ी नई चाल की चांदी हो गई है। आप और कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए उम्मीदवार दिल्लीवासियों को सबसे अधिक भाए हैं। इस चुनाव में कुल 21 दलबदलुओं ने रणभूमि में अपनी किस्मत आजमाई थी। इसमें भाजपा से नौ दलबदलुओं में से पांच ने अपनी सीट पक्की की है। जबकि आप के सात में से केवल तीन उम्मीदवार ने जीत हासिल की है। ऐसे में केवल आठ दलबदलुओं ने जीत का सेहरा पहना है। यह उम्मीदवार पाला बदलने में माहिर रहे हैं। हैरानी की बात है कि कांग्रेस में जाने वाले पांच दलबदलू में से कोई भी उम्मीदवार जीत नहीं दर्ज करा पाए हैं।
भाजपा के जीत के रथ को इन पांच में बढ़ाया आगे
भाजपा में आप व कांग्रेस से आए उम्मीदवारों ने जीत के रथ को आगे बढ़ाया है। इसमें दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत ने भाजपा की टिकट से बिजवासन से बड़ी जीत दर्ज की है। वहीं, भाजपा में आए पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सरदार अरविंदर सिंह लवली ने गांधी नगर, राजकुमार चौहान ने मंगोलपुरी, कांग्रेस से भाजपा में आए नीरज बसोया ने कस्तूरबा नगर, आप से भाजपा में आए करतार सिंह तंवर ने छतरपुर से जीत दर्ज की है। चुनाव के परिणाम में इन्हें दिल्ली चुनाव का असल मौसम वैज्ञानिक कहा जा रहा है।
भाजपा से आप में आने वाले तीन उम्मीदवारों ने की जीत दर्ज
भाजपा से आप में आए अनिल झा ने किराड़ी, प्रवेश रतन ने पटेल नगर और कांग्रेस से आप में आए चौधरी जुबैर अहमद को मैदान में उतारा था। इन्हें जीत का सेहरा मिला है। इसके अलावा आप से भाजपा में आए राजकुमार आनंद, प्रियंका गौतम, मनीष चौधरी व बीएसपी से आए नारायण दत्त शर्मा को हार का समाना करना पड़ा है। ऐसे में 21 में से आठ दलबदलुओं ने चुनाव से पहले पाला बदलने के बावजूद जीत की दर्ज की है। बात दें कि 2020 विधानसभा चुनाव में कुल 14 प्रत्याशियों ने अपने दल बदलकर अपनी किस्मत आजमाई थी। इसमें सात प्रत्याशियों को जीत का स्वाद चखने को मिला था। बाकि, सात प्रत्याशी धड़ाम हो गए थे। ऐसे में सियासी संग्राम में पाला बदलने वालों का 50 फीसदी स्कोर रहा है। पिछले चुनाव में सात में से छह प्रत्याशी आप से विजयी हुए थे। जबकि आठ प्रत्याशियों को भाजपा और कांग्रेस में जाने के बाद हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन, इस बार यह चाल उलट गई है।
भाजपा से आप व कांग्रेस में जाने वाले उम्मीदवारों को हुआ नुकसान
चुनाव में भाजपा से आप व कांग्रेस में जाने वाले उम्मीदवारों को नुकसान हुआ है। भाजपा से आप में शामिल हुए पद्मश्री जितेंद्र सिंह शंटी, ब्रह्म सिंह तंवर, सुरेंद्र पाल सिंह बिट्टू, रमेश पहलवान के साथ कांग्रेस के पूर्व विधायक सुमेश शौकीन, महेंद्र चौधरी भी चुनावी दंगल में हार गए हैं।
आप से कांग्रेस में गए दलबदलू
इसी तरह आप से कांग्रेस में आए देवेंद्र सहरावत, अब्दुल रहमान, धर्मपाल लाकड़ा, राजेश कुमार गुप्ता व हाजी मोहम्मद इशराक खान भी हार गए हैं। मुख्य दलों ने बखूबी से बड़ी संख्या में दलबदलुओं को चुनावी मैदान में उतारा था। लेकिन, जिस पार्टी को जनादेश मिला उसमें जाने वाले दलबदलुओं को जीत मिली है।