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बैंक को जाली दस्तावेज दे निकाले 3.25 करोड़: आर्थिक अपराध शाखा ने एक कंपनी की महिला निदेशक को किया गिरफ्तार, ऐसे खुला मामला

Sat, 16 Jul 2022 08:40 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: आकाश दुबे Updated Sat, 16 Jul 2022 08:40 PM IST
सार

लक्ष्मी विलास बैंक की दिल्ली शाखा ने साल 2019 को जिया एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों के खिलाफ शिकायत की। जिसमें बताया कि जिया एग्रो प्रा. लिमिटेड निदेशक ज्योति और हरबिंद सिंह ने 22 सितंबर 2015 को 2.50 करोड़ रुपये लोन के लिए बैंक में आवेदन किया था। निदेशकों ने साहिबाबाद की एक प्रापर्टी को गिरवी रखा। आरोपियों के अनुरोध पर साल 2016 को लोन सुविधा को बढ़ाकर 3.25 करोड़ रुपये कर दिया गया। बैंक को आडिट में फर्जीवाड़े का पता चला।

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Delhi Economic Offenses Wing arrests woman director Jyoti in fraud case
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

दिल्ली की आर्थिक अपराध शाखा ने फर्जीवाड़ा के मामले में जिया एग्रो प्राइवेट लिमिटेड की महिला निदेशक ज्योति को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ लक्ष्मी विलास बैंक ने साहिबाबाद की एक संपत्ति का फर्जी दस्तावेज गिरवी रख 3.25 करोड़ लोन लेकर उसका गबन करने की शिकायत की थी। इस मामले में कंपनी के एक निदेशक को शाखा पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। शिकायत मिलने के बाद आरोपी महिला निदेशक फरार थी। अदालत ने उसे भगोड़ा करार दिया था।

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शाखा की संयुक्त आयुक्त छाया शर्मा ने बताया कि लक्ष्मी विलास बैंक की दिल्ली शाखा ने साल 2019 को जिया एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों के खिलाफ शिकायत की। जिसमें बताया कि जिया एग्रो प्रा. लिमिटेड निदेशक ज्योति और हरबिंद सिंह ने 22 सितंबर 2015 को 2.50 करोड़ रुपये लोन के लिए बैंक में आवेदन किया था। उन्होंने नीता रानी गुप्ता नाम की एक महिला को गारंटर बनाया था। बाद में निदेशकों ने साहिबाबाद की एक प्रापर्टी को गिरवी रखा। आरोपियों के अनुरोध पर साल 2016 को लोन सुविधा को बढ़ाकर 3.25 करोड़ रुपये कर दिया गया। साल 2018 में बैंक को आडिट के दौरान पता चला कि कंपनी की ओर से बैंक में गिरवी रखे गए दस्तावेज जाली है। उसके बाद शाखा ने जांच शुरू की।

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शाखा ने निदेशकों को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा, लेकिन ज्योति, हरबिंद सिंह व राकेश सिंह जांच में शामिल नहीं हुए। पुलिस को पता चला कि राकेश और ज्योति और जिया एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ पंजाब व हरियाणा समेत कई राज्यों में सात मामले दर्ज हैं। जांच में पता चला कि आरोपियों ने ठगी करने के लिए कंपनी बनाया गया था। पुलिस ने जांच करने के बाद साल 2020 में राकेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद से फरार निदेशक ज्योति और उसके भाई हरबिंद सिंह की तलाश शुरू की। आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहे थे। पुलिस उपायुक्त रवि कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 14 जुलाई को आरोपी ज्योति को ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि ज्योति विनयिका विश्वविद्यालय चेन्नई से एमबीए किया है। पुलिस पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है। 

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