चुनावी चाश्ानी बन गई डीडीए की फ्लैट स्कीम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली विकास प्राधिकरण की नई हाउसिंग स्कीम की योजना हवा-हवाई साबित हो रही है। चार महीने पहले आनन-फानन में डीडीए ने हाउसिंग स्कीम 2014 लांच करने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक इसकी कोई सुगबुगाहट नहीं है।
पिछले साल दिसंबर में डीडीए ने नई आवासीय योजना शुरू करने का वादा किया था। इसमें एक कमरे वाले फ्लैट से लेकर तीन बेड रूम वाले मल्टीस्टोरी फ्लैट बनने प्रस्तावित हैं।
कहा गया कि इससे संबंधित औपचारिक विज्ञापन जल्द ही जारी किया जाएगा, लेकिन डीडीए का यह वादा सिर्फ चुनावी चासनी ही साबित होती दिख रही है।
नई सरकार से उम्मीदें
डीडीए ने पहले बताया था कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के चलते योजना की लॉंचिंग में देरी हो रही है, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद भी कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई।
अब इसकी राह में लोकसभा चुनाव आड़े आ गया। लोगों को उम्मीद है कि अगले महीने केंद्र में बनने जा रही नई सरकार इस मामले में जरूर कुछ करेगी।
डीडीए अधिकारी भी इस योजना पर चुप्पी साधे हुए हैं। दबी जुबान में यह जरूर बताते हैं कि ऐसी कोई योजना पाइप लाइन में है ही नहीं।
डीडीए ने किया झूठा वादा!
दरअसल, आनन-फानन में ही डीडीए ने 31 दिसंबर 2013 में हाउसिंग स्कीम की घोषणा करके दिल्ली वालों को सब्जबाग दिखाए थे। डीडीए सूत्रों का कहना है कि दिल्ली के विभिन्न इलाकों में मकान तो बन रहा है, लेकिन अभी तक तैयार नहीं हैं।
वैसे हाउसिंग स्कीम 2010 की जिस समय घोषणा की गई थी उस वक्त भी वसंत कुंज, मुखर्जी नगर और रोहिणी स्थित फ्लैट आधे-अधूरे ही तैयार थे। इसके कारण आवंटन में भी कई पेंच फंसे रहे। कई आवंटियों को तो अब तक तैयार हालत में फ्लैट नहीं मिले हैं।