{"_id":"6764c025a06657f02801d173","slug":"delhi-death-in-accident-patiala-house-court-ordered-to-recover-rs-38-lakh-from-the-car-owner-2024-12-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi : हादसे में हुई थी मौत, पटियाला हाउस कोर्ट ने दिया कार मालिक से 38 लाख रुपये वसूलने का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi : हादसे में हुई थी मौत, पटियाला हाउस कोर्ट ने दिया कार मालिक से 38 लाख रुपये वसूलने का आदेश
Fri, 20 Dec 2024 06:24 AM IST
दुष्यंत शर्मा
गौरव बाजपेई, नई दिल्ली
गौरव बाजपेई, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 20 Dec 2024 06:24 AM IST
सार
आरोपी वाहन चालक के पास वैध लाइसेंस नहीं था। अदालत ने क्षतिपूर्ति का भुगतान करने वाली बीमा कंपनी को रिकवरी का अधिकार दिया है। बीमा कंपनी क्षतिपूर्ति की रकम वाहन मालिक से वसूल सकती है।
विज्ञापन
Patiala house court
- फोटो : ANI
विस्तार
पटियाला हाउस कोर्ट ने वाहन दुर्घटना के मामले में पीड़ित परिवार को 38 लाख रुपये के क्षतिपूर्ति का आदेश दिया है। आरोपी वाहन चालक के पास वैध लाइसेंस नहीं था। अदालत ने क्षतिपूर्ति का भुगतान करने वाली बीमा कंपनी को रिकवरी का अधिकार दिया है। बीमा कंपनी क्षतिपूर्ति की रकम वाहन मालिक से वसूल सकती है।
विज्ञापन
मोटर दुर्घटना क्लेम ट्रिब्यून की पीठासीन अधिकारी वृंदा कुमारी की अदालत ने कुल रकम का 10 प्रतिशत तुरंत परिवार को दिए जाने का निर्देश दिया है। पुलिस की ओर से दाखिल की गई रिपोर्ट के अनुसार, 13 नवंबर 2018 को शंकर विहार फ्लाईओवर पर बिजेंद्र कश्यप अपने थ्री व्हीलर टेंपो से माल पहुंचाकर वापस आ रहे थे। इस दौरान सामने से आ रही कार ने टैंपो में टक्कर मार दी थी।
विज्ञापन
हादसे में बिजेंद्र कश्यप की मौत हो गई थी। करीब पांच साल पुराने इस मामले में अदालत ने कहा कि पीड़ित परिवार को उसके भरण पोषण का अधिकार है। ऐसे में उन्हें अधिक से अधिक संभावित रकम अदा की जानी चाहिए। अदालत ने अलग-अलग मदों को जोड़कर कुल 38 लाख रुपये की रकम अदा करने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
टैक्सी सर्विस से जुड़ी थी गाड़ी
जांच में सामने आया कि गाड़ी ओला सर्विस के तहत काम कर रही थी। ऐसे में फर्जी लाइसेंस की जानकारी कार मालिक के स्थान पर ओला कंपनी को होनी चाहिए। कार मालिक पर फर्जी लाइसेंस की जानकारी का दावा खारिज किया जाता है। हालांकि अदालत ने परिस्थितियों को देखते हुए इंश्योरेंस कंपनी को क्षतिपूर्ति रकम की वसूली की रिकवरी का अधिकार दिया है।