Delhi Crime: अशोक प्रधान गिरोह का गैंगस्टर गिरफ्तार, नीरज बवाना गैंग के सदस्यों की करना चाहता था हत्या
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने अशोक प्रधान गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए गैंगस्टर का नाम रोहित उर्फ लांबा बताया जा रहा है, जो नीरज बवाना गिरोह के सदस्यों की हत्या करना चाहता था।
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने गैंगस्टर अशोक प्रधान-नीतू दबोदिया गिरोह के गैंगस्टर रोहित उर्फ लांबा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रोहित को गिरफ्तार कर बड़ी गैंगवार रोक दी है। आरोपी विरोधी नीरज बवाना गिरोह के सदस्यों की हत्या करना चाहता था। वह मौके की तलाश में घूम रहा था। वहीं, नीरज बवाना गिरोह के सदस्य इसकी हत्या करना चाहते थे। गिरफ्तार रोहित 30 वर्ष की उम्र में चार हत्याएं कर चुका हैं और उसके खिलाफ हत्या के चार मामलों समेत हत्या का प्रयास, लूटपाट व आर्म्स एक्ट आदि के 20 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। ये नजफगढ़ में हत्या का प्रयास के मामले में वांछित था।
अपराध शाखा डीसीपी रोहित मीणा के अनुसार, उमेश बड़थ्वाल की देखरेख में इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार व एसआई सचिन गुलिया की टीम ने नजफगढ़ निवासी रोहित उर्फ लांबा (30) को सात जुलाई को नजफगढ़ रोड नाला रोड, उत्तम नगर से गिरफ्तार किया है। इसके पास से स्वचालित पिस्टल व दो कारतूस बरामद किए गए हैं। रोहित ने अपने साथियों के साथ 12 जनवरी 2022 को नजफगढ़ निवासी दुर्गा सिंह पर फायरिंग कर दी थी। स्थानीय थाना पुलिस ने इसके चार साथी उदय दहिया, दीपन, कपिल शर्मा उर्फ लालू और प्रशांत को गिरफ्तार कर लिया था। रोहित उर्फ लांबा व उसका साथी गौरव उर्फ मसाला फरार थे। रोहित ने अशोक प्रधान के कहने पर नीरज बवाना गिरोह के सदस्य काला आसोदिया की साल 2017 में उस समय हत्या कर दी थी जब उसे झज्जर कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया गया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार. आरोपी नजफगढ़ व उत्तम नगर के सट्टा ऑपरेट्स से रंगदारी वसूलता था। अगर कोई प्रोटेक्शन मनी नहीं देता था तो आरोपी उस पर फायरिंग कर देता था। ये अपने रहने की जगह बार-बार बदलता रहता था। रोहित साल 2012 में जब 11वीं कक्षा में पढ़ रहा था तभी इसने अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था। इसने साथियों के साथ कार जैकिंग व लूटपाट करना शुरू कर दिया था। इसने साथी सुमित उर्फ काके के साथ दो सितंबर 2013 को युद्धवीर को चाकू मार दिए थे। इस केस में ये डेढ़ वर्ष जेल में रहा। जेल में इसकी मुलाकात अशोक प्रधान से हुई। इसके बाद उसके गिरोह में शामिल हो गया।
आगरा के ज्वेलर को गोली मारी थी
अशोक प्रधान के कहने पर रोहित उर्फ लांबा ने साथी रोहित उर्फ बल्ली उर्फ विट्टल के साथ मिलकर आगरा ज्वेलर एसोसिएशन के सचिव धान कुमार जैन की हत्या की सुपारी ली थी। इन्होंने पुलिस सुरक्षा में धान कुमार जैन को 22 नवंबर 2015 को गोलियां मारी थीं। पीड़ित को कई गोलियां लगी थीं, मगर ज्वेलर बच गए थे। इस वारदात से आगरा में सनसनी फैल गई थी। इस वारदात के विरोध में व्यापारियों व राजनीतिक पार्टियों ने धरना-प्रदर्शन किए थे।