दिल्ली : कोर्ट ने नाबालिग बच्चे के अपहरण और हत्या के आरोपी को सुनाई मौत की सजा
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दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को एक व्यक्ति को 11 वर्षीय एक बच्चे की साल 2009 में अपहरण करने के बाद हत्या के लिए मौत की सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि यह क्रूर और जघन्य कृत्य था और इसमें नरमी नहीं बरती जा सकती।
A Delhi court sentences a man to death for kidnapping and murdering a minor boy for ransom.
— ANI (@ANI) October 6, 2020
अदालत ने जीवक नागपाल को सजा सुनाई, जो दिल्ली के रोहिणी में पीड़ित का पड़ोसी था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शिवाजी आनंद ने कहा कि इस तरह के कृत्य के लिए दोषी के प्रति नरमी नहीं बरती जा सकती है और उसे आजीवन कारावास की सजा देना अपर्याप्त है और मौत की सजा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने मामले को विरलतम करार दिया।
न्यायाधीश ने कहा कि वर्तमान मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद मेरा मानना है कि 12 वर्ष से भी कम उम्र के निर्दोष बच्चे की हत्या करते हुए दोषी का कृत्य क्रूरतापूर्ण और जघन्य था।
शिकायतकर्ता की तरफ से पेश हुए वकील प्रशांत दीवान के मुताबिक, दोषी ने 18 मार्च 2009 को बच्चे का अपहरण किया था और फिरौती की मांग के लिए उसके पिता को कई संदेश भेजे थे। उसने चेतावनी दी कि अगर फिरौती की मांग पूरी नहीं की गई तो उनके बेटे की हत्या कर दी जाएगी और उनके घर को बर्बाद कर दिया जाएगा।
दोषी ने बच्चे पर किसी वस्तु से प्रहार करने के बाद गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी थी। बच्चे की हत्या के बाद उसने शव को एक सूखे नाले में फेंक दिया था।