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कोर्ट ने दंगे में हेड कांस्टेबल रतन लाल की हत्या के आरोपी की जमानत याचिका खारिज की

Mon, 19 Oct 2020 06:29 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Mon, 19 Oct 2020 06:29 PM IST
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delhi court denies bail application of head constable ratan lal murder accused in delhi violence case
फाइल फोटो - फोटो : जी पॉल

दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट ने फरवरी में हुए उतर पूर्वी दिल्ली दंगे के दौरान दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतन लाल की हत्या मामले में एक आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा अगर आरोपी की जमानत दी गई तो वह फरार हो सकता है, इसलिए उसे जमानत नहीं दी जा सकती।

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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने आरोपरी शादाब अहमद की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि मामला बेहद गंभीर और आरोपी दिल्ली का रहने वाला भी नहीं है अगर उसे जमानत दा जाती है तो वह दिल्ली से भाग सकता है, जिससे मामले की जांच प्रभावित होने की संभावना है। इसलिए आरोपी को इस स्तर पर जमानत नहीं दी जा सकती।
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कोर्ट ने कहा कि दंगे के दौरान जिस जगह हेड कांस्टेबल रतन लाल की हत्या हुई थी, उस वक्त आरोपी की लोकेशन भी वहीं की मिली है। इसके साथ ही कोर्ट ने अभियोजन पक्ष द्वारा दी उस दलील पर भी गौर किया कि इस दौरान शादाब लगातार फरार आरोपियों उपासना, अथर, तबस्सुम और सलमान सिद्दीकी के संपर्क में था।
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इस बीच लोक अभियोजक अमित प्रसाद ने आरोपी की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी का घटनास्थल पर होना स्वाभाविक नहीं था, क्यूंकि वह उस क्षेत्र का रहने वाला भी नहीं है।

वकील ने कहा इस मामले में कोर्ट अन्य आरोपियों मोहम्मद दानिश, मोहम्मद इब्राहिम, बदरुल हसन और मोहम्मद आरिफ की जमानत याचिकाएं क्रमश: 30 जून, 19 सितंबर और 30 सितंबर को खारिज कर दी गई है, चूंकि मामले की जांच प्राथमिक स्तर पर और इसलिए आरोपी को जमानत देने से मामले की जांच प्रभावित हो सकती है।


वहीं आरोपी के वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल के खिलाफ पहले ही आरोपपत्र दाखिल हो चुका है और इसलिए उस जेल में रखने की जरूरत नहीं है। इसलिए वह जमानत का हकदार है। उत पूर्वी दिल्ली दंगे के दौरान 53 लोगों की मौत हुई थी और 250 से अधिक लोग घायल हुए थे।

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