200 करोड़ ठगी मामला: जैकलीन फर्नांडीज को विदेश यात्रा की अनुमति मिली, एक करोड़ की FDR जमा करने का निर्देश
पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष न्यायाधीश शैलेंद्र मलिक ने अभिनेत्री को विदेश यात्रा करने और प्रचार गतिविधियों में भाग लेने की अनुमति दे दी है। हालांकि, विदेश यात्रा की अनुमति देते समय अदालत ने वीजा के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के वकील द्वारा रखी गई दलीलों को खारिज कर दिया।
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दिल्ली की एक अदालत ने बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज को काम के लिए अमेरिका की यात्रा करने की अनुमति दे दी है। उनका नाम ठग सुकेश चंद्रशेखर के साथ 200 करोड़ रुपये के मनी-लॉन्ड्रिंग और जबरन वसूली मामले में शामिल है। 37 वर्षीय जैकलीन ने आवेदन में 10 से 20 अगस्त तक पेशेवर सेवाओं में शामिल होने के लिए अमेरिका की यात्रा करने की अनुमति मांगी थी।
पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष न्यायाधीश शैलेंद्र मलिक ने अभिनेत्री को विदेश यात्रा करने और प्रचार गतिविधियों में भाग लेने की अनुमति दे दी है। हालांकि, विदेश यात्रा की अनुमति देते समय अदालत ने वीजा के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के वकील द्वारा रखी गई दलीलों को खारिज कर दिया।
ईडी के वकील ने सुझाव दिया कि प्रचार गतिविधियां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जा सकती हैं, लेकिन अदालत ने कहा कि वीजा मामलों पर निर्णय लेना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। न्यायाधीश ने कहा कि अमेरिकी दूतावास या वीजा जारी करने वाला प्राधिकारी स्वतंत्र रूप से यात्रा के लिए आवेदक के मामले की जांच करेगा।
इसके अलावा अदालत ने यह भी कहा कि यह तय करना यूएसए-आधारित कंपनी पर निर्भर है कि प्रचार गतिविधियां भौतिक रूप से आयोजित की जाएंगी या आभासी (वर्चुअल) माध्यम से। अदालत ने जैकलीन को इजाजत देते हुए एक करोड़ रुपये की सावधि जमा रसीद (एफडीआर) जमा करने का निर्देश दिया है। इसके अतिरिक्त उसे अपनी यात्रा कार्यक्रम और संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा के दौरान अपने ठहरने के स्थान का विवरण भी प्रदान करना होगा।