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Delhi : कुछ घंटे पहले सदन की बैठक टली, आयुक्त आज पेश करेंगे नगर निगम का बजट

Sat, 09 Dec 2023 03:25 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 09 Dec 2023 03:25 AM IST
सार

आयुक्त ज्ञानेश भारती अब शनिवार को निगम का साल 2023-24 का संशोधित बजट और साल 2024-25 का अनुमानित बजट पेश करेंगे। 

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Delhi:  Commissioner will present Municipal Corporation budget today
सिविक सेंटर में (बाएं से दाएं) बजट से पूर्व प्रेसवार्ता करते मुकेश गोयल, मेयर शैली ओबरॉय और डिप्टी मेयर आले इकबाल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली नगर निगम की सदन की बैठक शुक्रवार को कुछ घंटे पहले टल गई। आयुक्त ज्ञानेश भारती अब शनिवार को निगम का साल 2023-24 का संशोधित बजट और साल 2024-25 का अनुमानित बजट पेश करेंगे। 

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स्टैंडिंग कमेटी नहीं होने की सूरत में पहली बार निगम का बजट सीधा सदन में पेश होगा। इसके बाद आगे दो महीने सत्ता पक्ष आम आदमी पार्टी निगम के अनुमानित बजट को जनता के बीच लेकर जाएगी। मार्केट एसोसिएशन, आरडब्ल्यूए, महिला संगठन, युवाओं, दिल्ली के 360 गांव के प्रधानों के बीच बजट पर 100 से ज्यादा मीटिंग होगी। लोगों से सुझाव लेने के बाद इस पर सदन में चर्चा होगी।
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फिर जाकर जनवरी के आखिर में बजट को आखिरी स्वरूप दिया जाएगा। निगम के इतिहास में पहली बार शनिवार को ऐसा हुआ, जब बजट के लिए बुलाई गई बैठक अचानक स्थगित कर दी गई। ज्यादातर बजट की बैठक कार्यदिवस में बुलाई जाती है। शुक्रवार को करीब दो घंटे पहले बैठक को स्थगित करने का फैसला लिया गया। शनिवार को फिर से बजट की बैठक बुलाई गई है, जबकि इस दिन निगम में कामकाज बंद होता है। निगम के अधिकारी बैठक टलने के पीछे की वजह नहीं जानते।
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मेयर ने भी इसकी वजह साफ नहीं की, उन्होंने केवल इतना कहा कि तकनीकी कारणों से बैठक को अगले दिन बुलाया गया है। नेता सदन मुकेश गोयल ने कहा कि पहले निगमायुक्त स्थायी समिति में बजट पेश करते थे। इसके बाद बजट पर वार्ड कमेटियों में चर्चा होती थी, जिसमे क्षेत्र के सभी पार्षद भाग लेकर अपने विचार रखते थे। फिर ये कमेटियां अपना बजट रखते थीं। इसके बाद बजट पर सदन में चर्चा होने के बाद इसे पारित किया जाता था, लेकिन वर्तमान में निगम में स्टैंडिंग कमेटी नहीं होने के कारण बजट सदन में रखा जाएगा।

इस बार विभिन्न कमेटियों का निर्माण न होने की सूरत में सीएम अरविंद केजरीवाल की सोच के मुताबिक बजट का निर्माण जनता की राय से होगा। लोगों के बीच जाकर आप 100 से 150 बैठकों का आयोजन कर बजट णतैयार करेगी। डिप्टी मेयर आले मोहम्मद इकबाल ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का मानना है जब से आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में सत्ता की कमान संभाली है, तब से हर साल एक ऐतिहासिक बजट विधानसभा में पेश होता है। 

जनता के बजट पर लगेगी आखिरी मुहर : मेयर
सदन की बैठक स्थगित होने के बाद मेयर डॉ. शैली ओबरॉय ने प्रेसवार्ता कर कहा कि सदन में 9 दिसंबर को अधिकारियों का बजट आएगा। इस बजट पर डेढ़ से दो महीने तक सदन में चर्चा की जाएगी। अंतिम मुहर जनता के बजट पर लगेगी। जनता के साथ संवाद होगा, वे दिल से जो चाहेगी उसे बजट में शामिल कर सदन में पास किया जाएगा। दिल्लीवासी मेल आईडी के जरिये भी अपना फीडबैक दे सकते हैं। 

गैर सांविधानिक तरीके से लाया जा रहा बजट : नेता विपक्ष
नेता विपक्ष व पूर्व मेयर राजा इकबाल सिंह ने प्रेस वार्ता में कहा कि बजट में पार्षदों की समान भागीदारी होती है। सभी पार्षद अपना मत रखते हैं, ताकि बजट को नागरिक केंद्रित बनाया जा सके। आम आदमी पार्टी इस पूरी प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए गैर सांविधानिक तरीके से सीधे बजट को सदन में ला रही है। ये लोग भ्रष्टाचार के नए रास्ते खोल रहे हैं। इनके साथ उपस्थित भाजपा प्रदेश महामंत्री कमलजीत सहरावत ने कहा कि मेयर ने बिना कोई कारण बताए बजट की बैठक को स्थगित कर दिया, ऐसा निगम के इतिहास में पहली बार हुआ है।

महापौर को एमसीडी का बजट तैयार करने के बारे में जानकारी नहीं : भाजपा
प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि महापौर को एमसीडी का बजट तैयार करने के बारे में जानकारी नहीं है। इस कारण उन्होंने जनता की राय की बात की है। उन्होंने पारदर्शी बजट जैसे शब्दों से दिल्लीवासियों को गुमराह करने का प्रयास किया है। दरअसल पहले सेे ही एमसीडी की स्थायी समिति आरडब्ल्यूए, व्यापारी निकायों और ग्राम पंचायतों और अन्य हितधारकों से बात करके बजट तैयार करती रही है। उन्होंने कहा कि एमसीडी बजट हर साल 10 दिसंबर तक आयुक्त की ओर से प्रस्तुत किया जाता है और फरवरी की शुरुआत तक स्थायी समिति के अध्यक्ष वार्ड समितियों और सभी वैधानिक समितियों से विचार-विमर्श कर बजट तैयार कर सदन के समक्ष ले जाते हैं।  


बिना कारण एमसीडी का बजट पेश करने से रोकना दुर्भाग्यपूर्ण : कांग्रेस
कांग्रेस नेता व एमसीडी के पूर्व नेता सदन जितेन्द्र कुमार कोचर ने अंतिम समय में बिना कारण बजट पेश करने से रोकने के मामले को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है। कोचर ने कहा कि कि महापौर को बजट प्रस्तुत करने से दो घंटे पहले अचानक जनता से भी राय लेने की याद आना उनका गैर जिम्मेदाराना कदम है।

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