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दिल्ली महिला आयोग ने 6 नेपाली युवतियों को तस्करी से बचाया, पुलिस ने किया मामला दर्ज
Sat, 02 Feb 2019 06:05 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Sat, 02 Feb 2019 06:05 AM IST
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दिल्ली महिला आयोग
- फोटो : फाइल फोटो
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दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की टीम ने ई-मेल पर मिली सूचना के बाद भलस्वा डेयरी इलाके से नेपाली मूल की छह लड़कियों को एक घर से मुक्त कराया है। जांच में पता चला कि सभी लड़कियों को नेपाल से लाया गया था। इन्हें तस्करी कर खाड़ी देशों में ले जाया जाना था। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। आयोग ने ढुलमुल रवैये के कारण पुलिस को नोटिस भेजा है।
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आयोग के अनुसार, उसकी टीम पुलिसकर्मियों के साथ बताई गई जगह गई। वहां 18-25 वर्ष की छह लड़कियों को एक घर में अकेले रखा गया था। लड़कियों ने बताया कि वे जल्द ही नौकरी के लिए बाहर जाने वाली हैं। इन सबने लीना नाम की एजेंट को एक-एक लाख रुपये का भुगतान किया था, लेकिन वे उससे कभी नहीं मिली थीं। आयोग के अनुसार, सबसे कम उम्र की लड़की के पास इंफाल का टिकट था। अन्य सभी का कहना था कि उन्हें विदेश में प्लेसमेंट का इंतजार था। युवतियों ने बताया कि सुबह ही 10-12 लड़कियां रोजगार के लिए कमरे से गई थीं। बयान दर्ज कराने के लिए इन्हें भलस्वा जहांगीरपुरी पुलिस स्टेशन ले जाया गया। बाद में आश्रय गृह निर्मल छाया भेज दिया गया।
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पासपार्ट के प्रिंट, बीयर की बोतल और कंडोम मिले
आयोग की टीम को कमरे से न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित एक कंसलटेंसी के कई विजिटिंग कार्ड, पासपोर्ट के प्रिंटआउट, बीयर की बोतलें और इस्तेमाल किए गए कंडोम मिले। आयोग ने पुलिस के काम के तरीके पर गंभीर आपत्ति जताई है। उसका कहना है कि बयान दर्ज कराते समय आयोग के परामर्शदाता को उपस्थित होने की अनुमति नहीं दी गई। सदस्य वंदना सिंह ने आश्रय गृह में लड़कियों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने डेली डायरी रजिस्टर में यह कहते हुए बयान दर्ज नहीं किए कि यह नेपाली भाषा में थे। आयोग का कहना है कि बयान लड़कियों ने स्वयं हिंदी में लिखे हैं। आयोग ने भलस्वा जहांगीरपुरी स्टेशन को नोटिस जारी किया और एफआईआर की कॉपी मांगी है।
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मणिपुर हेल्पलाइन से भी आया फोन
शुक्रवार को डीसीडब्ल्यू के पास मणिपुर हेल्पलाइन से भी फोन आया कि नेपाली पुरुषों और महिलाओं के एक समूह ने मणिपुर की सीमा पार कर म्यांमार में प्रवेश किया है। साथ ही, 16 नेपाली महिलाओं के एक अन्य समूह को मणिपुर सीमा पर हिरासत में लिया गया है। आयोग कहना है कि इससे यह आशंका पुष्ट होती है कि राजधानी में बड़े पैमाने पर तस्करी का अंतरराष्ट्रीय रैकेट चल रहा है।