{"_id":"68fe8bf92831253b2702fddd","slug":"delhi-colorful-world-of-butterflies-is-attracting-everyone-2025-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Butterfly Corridor: प्रदूषण की धुंध में खिली उम्मीद की उड़ान, तितलियों का रंगीन संसार कर रहा है सभी को आकर्षित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Butterfly Corridor: प्रदूषण की धुंध में खिली उम्मीद की उड़ान, तितलियों का रंगीन संसार कर रहा है सभी को आकर्षित
Mon, 27 Oct 2025 02:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा
विनोद डबास, नई दिल्ली
विनोद डबास, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 27 Oct 2025 02:30 AM IST
विज्ञापन
मॉटल्ड इमिग्रेंट तितली
दिल्ली की आबोहवा में प्रदूषण की धुंध के बीच मदर टेरेसा क्रिसेंट मार्ग के किनारे फैली हरियाली को तितलियों ने अपना आशियाना बना लिया है। रंग-बिरंगी तितलियों ने अपनी मौजूदगी से इस इलाके को ‘बटरफ्लाई पट्टी’ का रूप दे दिया है। करीब छह से सात किलोमीटर तक फैले इस हरित क्षेत्र में तितलियों की अनगिनत प्रजातियां नजर आने लगी हैं। नीली, पीली, नारंगी और धारीदार रंगों की तितलियां हर किसी को आकर्षित कर रही हैं।
विज्ञापन
सरदार पटेल मार्ग और राष्ट्रपति भवन के पीछे वाले मदर टेरेसा क्रिसेंट मार्ग पर पर तितलियों को लाने के लिए न कोई विशेष योजना चलाई गई न तितली पार्क बनाया गया। यह इलाका खुद-ब-खुद तितलियों का स्वर्ग बन गया, क्योंकि यहां की हरियाली, पौधों का चयन उनके अनुकूल साबित हुआ। दरअसल दो साल पहले यहां पर जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान एनडीएमसी ने इन दोनों मार्गों के दोनों ओर बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया था।
विज्ञापन
फुटपाथ के किनारे झाड़ियों, मध्यम ऊंचाई वाले पौधों और बेलदार हरियाली के संयोजन ने यहां एक प्राकृतिक इको-सिस्टम तैयार कर दिया। इस पूरे मार्ग की देखरेख नियमित रूप से की जाती है, मगर रासायनिक खाद और कीटनाशकों का प्रयोग नहीं किया जाता है। इस कारण तितलियों के लिए यह क्षेत्र सुरक्षित आश्रय स्थल बन गया।
विज्ञापन
तितलियों का होना पर्यावरण के लिए शुभ संकेत
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी क्षेत्र में तितलियों की बढ़ती संख्या वहां के पारिस्थितिक स्वास्थ्य का संकेत होती है। तितलियां जैव विविधता का अहम हिस्सा हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि जिस इलाके में तितलियों की मौजूदगी बढ़ती है, वहां की हवा अधिक स्वच्छ, पौधों का विकास बेहतर और मिट्टी की गुणवत्ता भी सुधरती है। लिहाजा तितलियां सिर्फ सुंदरता का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूती का पैमाना भी हैं।
रहने के लिए अनुकूल माहौल
तितलियों को सूर्य की पर्याप्त रोशनी, विविध प्रजातियों के फूल, कीटनाशकों का इस्तेमाल कम से कम और आसपास पानी और छायादार जगह सबसे अधिक पसंद है। यह दोनों मार्ग इन सभी शर्तों पर खरा उतरते है। यहां सुबह की धूप, शाम की ठंडी बयार और बीच में फैली हरियाली ने तितलियों के लिए आदर्श आवास बना दिया है। वर्तमान में यहां कॉमन क्रो, लाइम बटरफ्लाई, ब्लू टाइगर, लेमन पैंसी जैसी तितलियों की कई सामान्य प्रजातियों के अलावा कुछ दुर्लभ किस्में भी देखी जा रही हैं, जो आमतौर पर दिल्ली के शहरी इलाकों में दिखाई नहीं देतीं।
तितलियों ने मौजूदगी से बना ‘सेल्फी स्पॉट’
तितलियों के झुंड के बीच चलना लोगों के लिए एक खुशनुमा अहसास साबित हो रहा है। इस दौरान वह तितलियों के साथ सेल्फी भी लेते हैं। एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि इस क्षेत्र को ‘अर्बन बटरफ्लाई ट्रेल’ के रूप में विकसित करने पर विचार है।