कोचिंग सेंटर हादसा: शिकायत को दरकिनार कर तीन होनहारों की ले ली गई जान, तीन बार की गई अनदेखी
दिल्ली सरकार के पोर्टल पर 26 जून को शिकायत की थी। बताया था कि किस तरह राव आईएएस इंस्टीट्यूट बच्चों की जिंदगी को दांव पर लगाया जा रहा है। कार्रवाई नहीं होने पर 15 जुलाई और 22 जुलाई को रिमाइंडर भी भेजा था।
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राव आईएएस इंस्टीट्यूट के बेसमेंट में भरे पानी में डूबकर हुई तीन होनहार छात्र-छात्राओं की मौत को स्थानीय लोग हत्या बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि इसकी वजह यह है कि एक माह में दिल्ली सरकार को तीन बार शिकायत दी गई, लेकिन उसपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। घटना से छह दिन पहले भी इस मामले में दिल्ली सरकार को याद दिलाया गया था। यदि शिकायत पर कार्रवाई हो जाती तो आज तीनों की जान नहीं जाती।
करोल बाग के रहने वाले किशोर सिंह कुशवाह ने दिल्ली सरकार के पोर्टल पर 26 जून को शिकायत की थी। बताया था कि किस तरह राव आईएएस इंस्टीट्यूट बच्चों की जिंदगी को दांव पर लगाया जा रहा है। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया था कि बेसमेंट में अनुमति के बिना क्लासरूम संचालित कर किया जा रहा है। जिससे विद्यार्थियों और स्टाफ के जीवन को खतरा बना हुआ है। कोई बड़ी दुर्घटना होने की संभावना है। कार्रवाई नहीं होने पर 15 जुलाई और 22 जुलाई को रिमाइंडर भी भेजा था। जिस पर लिखा था कि यह बहुत जरूरी और महत्वपूर्ण है, इस पर गंभीरता से कार्रवाई करने की जरूरत है। इसके बाद बावजूद संबंधित अधिकारियों की आंख नहीं खुली।
एमसीडी कमिश्नर को जाता है पैसा...
किशोर सिंह कुशवाह ने अपनी शिकायत में लिखा कि इस मामले में की सूचना जब संबंधित संस्था से की तो कहा गया कि इसका पैसा दिल्ली नगर निगम कमिश्नर को जाता है। इस प्रकार से एमसीडी में भ्रष्टाचार का एक बड़ा उदाहरण दिखाई देता है। उन्होंने आगे लिखा कि श्रीमान जी से विनम्र अनुरोध है कि इस प्रकार के बड़े-बड़े यूपीएएसी के कोचिंग संस्थान जो विद्यार्थियों का जीवन दांव पर लगाकर अवैध जगह पर कक्षा संचालित कर रहे हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई हो तो आपकी अति कृपा होगी।