'CM केजरीवाल के सचिव राजेंद्र कुमार भ्रष्ट हैं'
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दिल्ली डायलॉग कमीशन के पूर्व सचिव आशीष जोशी ने मुख्यमंत्री केजरीवाल के सचिव राजेंद्र कुमार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। जोशी ने राजेंद्र कुमार पर बेनामी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) में शिकायत दी है।
बताया जा रहा है कि शिकायत पर जांच जारी है, जरूरत पड़ी तो राजेंद्र कुमार को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। ब्यूरो के चीफ ज्वाइंट सीपी एमके मीणा को सौंपी शिकायत में जोशी ने राजेंद्र कुमार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोला है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि राजेंद्र कुमार अलग-अलग विभागों में रहते हुए अपने करीबियों और रिश्तेदारों की कंपनियों को ठेका दिलाया है। काम पाने के लिए अलग-अलग नाम से कंपनी बनाई हुई है। सभी कंपनियों में एक व्यक्ति अशोक कुमार कॉमन निदेशक हैं।
क्यों लगाया आशीष ने आरोप
जोशी ने कहा है कि कंपनी बनाने का सिलसिला उस समय शुरू हुआ जब कुमार शिक्षा विभाग में निदेशक थे। जब वह दिल्ली सरकार के दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (डीयूएसआईबी) में तैनात थे तो वह ई-गर्वनेंस को लेकर काम कर रहे थे।
उसी समय मेरे सामने राजेंद्र कुमार की करप्ट प्रैक्टिस के मामले आए। उन पर सभी आरोप बेहद गंभीर हैं। इन तथ्यों के बाद भी अगर मुख्यमंत्री उन्हें अपना सचिव बनाए हुए हैं तो ब्यूरोक्रेसी और नीचे काम कर रहे कर्मियों को गलत संदेश जाता है।
कौन हैं आशीष जोशी
आशीष जोशी इंडियन पी एंड टी एकाउंट्स एंड फाइनेंस सर्विस के 1992 बैच के अधिकारी हैं। आशीष को 16 अप्रैल को दिल्ली सरकार के दिल्ली डायलॉग सचिव से हटा दिया गया था। उन्हें वापस केंद्र सरकार में भेज दिया गया था। जोशी तीन साल के डेपुटेशन पर दिल्ली सरकार में आए थे और नौ महीने में ही हटा दिए गए। सरकार का आरोप था कि जोशी अपने दफ्तर में सिगरेट पीते हैं और गुटखा खाते हैं।