सीएम केजरीवाल ने माना, डोर स्टेप डिलीवरी स्कीम में है अभी कमी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली सरकार की डोर स्टेप डिलीवरी ऑफ सर्विसेज स्कीम पर आम दिल्ली वालों की शुरुआती प्रतिक्रिया सकारात्मक रही है। लोगों का कहना है कि अगर सही तरीके से योजना को लागू किया जा सका तो उन्हें काफी सहूलियत होगी। हालांकि, लोगों ने मोबाइल सहायकों को ट्रेंड करने की जरूरत भी बताई।
उधर, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी शुक्रवार को माना कि योजना में अभी छोटी-छोटी समस्याएं आ रही हैं। इनको सुलझाने की कोशिश चल रही है। यह नया आइडिया है। उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में दिल्ली वालों की सारी दिक्कतें दूर हो जाएंगी।
अधिकारियों का कहना है कि स्कीम शुरू होने के बाद से शुक्रवार शाम 5 बजे तक 6,058 एप्वाइंटमेंट फिक्स किए गए। इसमें से मोबाइल सहायकों ने 1,046 घरों में विजिट किया। जिन लोगों के घर मोबाइल सहायकों ने विजिट किया, उनका अनुभव संतोषजनक रहा है।
मसलन, जनकपुरी के त्रिलोक शर्मा ने बताया कि पिछले दिनों उनका डीएल गुम हो गया था। इसके लिए 11 सितंबर को उन्होंने कॉल सेंटर पर फोन किया। 12 को मोबाइल सहायक उनके घर पहुंचा और सारे दस्तावेज जमा करवाए। बेहतर अनुभव होने की बात करते हुए त्रिलोक शर्मा ने सुझाव दिया कि अभी मोबाइल सहायक के स्तर पर काम करने की जरूरत है। जिस सेवा को देने वह आवेदक के घर जा रहा है, उसके बारे में उसे जानकारी हो। इससे दोनों को दिक्कत नहीं होगी।
दूसरी तरफ रोहिणी के रतन जीत सिंह ने बताया कि उनका अनुभव मोबाइल सहायक के साथ बेहतर रहा। डुप्लीकेट डीएल के लिए 11 सितंबर की सुबह फोन करने पर शाम को घर पर मोबाइल सहायक घर आ गया। बिना किसी दिक्कत के सारी औपचारिकताएं पूरी हो गईं।