मुख्य सचिव मारपीट मामलाः पटियाला हाउस कोर्ट ने केजरीवाल समेत 13 को भेजा समन, 25 अक्तूबर को होंगे पेश
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Delhi's Patiala House Court issues summons as an accused to Delhi CM Arvind Kejriwal, Dy CM Manish Sisodia &11 other MLAs, who are named in the chargesheet by Delhi Police in connection with Delhi Chief Secy alleged assault case. They have to appear before the court on 25th Oct.
— ANI (@ANI) September 18, 2018विज्ञापन
गौरतलब है कि मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से मारपीट मामले में पुलिस ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और 11 आप विधायकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। पुलिस ने आरोपियों पर सरकारी अधिकारी के काम में बाधा, मारपीट, गंभीर रूप से घायल करने संबंधी व अन्य धाराएं लगाई हैं। पुलिस ने आरोपपत्र में तर्क रखा है कि इन सभी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य है, ऐेसे में आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
पटियाला हाउस अदालत के एसीएमएम समर विशाल ने पुलिस की चार्जशीट पर विचार करने के लिए 25 अगस्त की तारीख तय की है। पुलिस ने 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट के साथ जो दस्तावेज संलग्न किए हैं, जिनकी संख्या करीब 13 सौ है।
सीएम के पूर्व सलाहकार वीके जैन को मुख्य गवाह बनाया
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव का आरोप है कि मुख्यमंत्री आवास कैंप में उनके साथ 19-20 फरवरी 2018 की रात मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री की मौजूदगी में अमानतुल्ला व प्रकाश जरवाल सहित अन्य विधायकों ने मारपीट की थी। इस मामले में पुलिस ने ओखला के विधायक अमानतुल्लाह व देवली के विधायक प्रकाश जरवाल को गिरफ्तार किया था। यह दोनों विधायक फिलहाल जमानत पर हैं।
इन्हें बनाया आरोपी
दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट में केजरीवाल, सिसोदिया, अमानतुल्ला, प्रकाश जरवाल, नितिन त्यागी, ऋतुराज झा, अजय दत्त, प्रवीण कुमार, राजेश ऋषि, मदन लाल, राजेश गुप्ता, दिनेश मोहनिया व संजीव झा को आरोपी बनाया गया है।
ये धाराएं लगाईं
पुलिस ने इन आरोपियों पर सरकारी काम में बाधा, सरकारी अधिकारी से ड्यूटी के दौरान मारपीट, मारपीट करना, बंधक बनाना, सरकारी अधिकारी को घेरकर हमला करना, धमकी देना, आपराधिक साजिश, अवैध रूप से भीड़ जमा करना समेत कई अन्य धाराओं में चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले की जांच उत्तरी दिल्ली के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त हरेंद्र सिंह ने की थी।
दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सलाहकार वीके जैन को गवाह बनाते हुए 22 फरवरी 2018 को उनका बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज करवाया था। इस बयान में उन्होंने अंशु प्रकाश के साथ मारपीट की बात कही थी।
सीएम के सलाहकार का बयान बना अहम
कोर्ट में जैन ने कहा है कि उन्होंने सीएम के कैंप कार्यालय पर बैठक के लिए अंशु प्रकाश को फोन किया था। इसके बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने फोन किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने भी उनसे पूछा था कि अंशु प्रकाश बैठक में आ रहे है या नहीं। जैन ने उन्हें बताया था कि वह बैठक में आ रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने कहा जैन ने बयान में यह भी कहा यह बैठक आधी रात को हुई थी। वह कुछ समय के लिये कमरे से बाहर गये थे। जब वह वापस आए तो विधायक अमानतुल्लाह व प्रकाश जरवाल मुख्य सचिव से बदसलूकी व मारपीट कर रहे थे। जिस कमरे में बैठक हुई थी, उसमें सीसीटीवी कैमरा लगे होने की बात जैन ने कही थी।
गैर कानूनी काम करने के लिए डाल रहे थे दबाव
मुख्य सचिव के वकील राजीव मोहन ने कोर्ट को बताया था कि आरोपी उनके मुवक्किल पर गैर कानूनी काम करने का दबाव डाल रहे थे। सीएम के सलाहकार व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उन्हें फोन करके खाद्य आपूर्ति विभाग की बैठक के लिए बुलाया गया था, जबकि वहां मौजूद 11 विधायकों ने उनसे सरकार के तीन साल की उपलब्धियों के संबंध में विज्ञापन के लिये फंड न जारी करने पर सवाल पूछे।
विधायकों के सवालों पर उनके मुवक्किल ने कहा कि वह भ्रष्टाचार मुक्त दिल्ली का विज्ञापन नहीं दे सकते, क्योंकि सतर्कता विभाग ने इसकी पुष्टि नहीं की है। इसके अलावा वह टीवी में विज्ञापन की अनुमति नही दे सकते क्योंकि इसकी फीस बहुत ज्यादा है जो उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। इसके बाद विधायकों ने उनसे मारपीट व बदसलूकी शुरु कर दी। वहां पर सीएम व उपमुख्यमंत्री भी मौजूद थे लेकिन उन्होंने किसी विधायक को मारपीट करने से नहीं रोका।