फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   delhi businessmen committed suicide after demonetization

नोटबंदी से परेशान कारोबारी ने फांसी लगाकर जान दी, डिप्रेशन का था शिकार

Thu, 02 Mar 2017 08:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 02 Mar 2017 08:32 AM IST
सार

-गारमेंट कारोबारी को मार्केट में माल देने के बाद नहीं मिल रही थी पेमेंट, जिसकी वजह से
-नोटबंदी का हवाला देकर माल लेने वाले नहीं कर रहे थे पेमेंट, इसी से हो गया था मोटा कर्जा
-पुलिस को मृतक के पास से नहीं मिला कोई सुसाइड नोट, परिजन नोटबंदी के कारण सुसाइड का लगा रहे आरोप

विज्ञापन
delhi businessmen committed suicide after demonetization
- फोटो : bureau

विस्तार

नंद नगरी इलाके में नोटबंदी के बाद से कर्ज में में चल रहे एक गारमेंट कारोबारी ने फांसी लगाकर जान दे दी। मृतक की शिनाख्त इकरार हुसैन (52) के रूप में हुई है। पुलिस को मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।

विज्ञापन


इकरार के परिजनों का आरोप है कि नोटबंदी के बाद इकरार ने तैयार माल को मार्केट में सप्लाई कर दिया। लेकिन नोटबंदी का हवाला देकर उसके माल की पेमेंट रोक ली गई। कर्ज से परेशान इकरार डिप्रेशन का शिकार हो गया।
विज्ञापन


मंगलवार उसने अपनी नंद नगरी स्थित फैक्टरी में फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद इकरार का शव परिवार को सौंप दिया है। परिजनों से पूछताछ कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस के मुताबिक, इकरार अपने परिवार के साथ बी-37, डीएलएफ, साहिबाबाद में रहते थे। परिवार में पत्नी हमीदा बानो, दो बेटे इमरान और सलमान हैं। इकरार की जे-3, सुंदर नगर में रेडीमेड गारमेंट बनाने की फैक्टरी थी। इसका तैयार माल जनपथ व नोएडा में सप्लाई हो रहा था।

शाम तक उसकी तलाश करते रहे

delhi businessmen committed suicide after demonetization
मंगलवार सुबह इकरार घर से मस्जिद जाने की बात कर निकले थे। इसके बाद वह गायब हो गए। परिजन शाम तक उसकी तलाश करते रहे। इधर, देर शाम को सुंदर नगर में मकान मालिक ने इकरार को पंखे के सहारे फंदे से लटके हुए देखा। उसने ही मामले की सूचना पुलिस और परिवार को दी।

इकरार के करीबी रिश्तेदार शफाकत अली ने बताया कि नोटबंदी के बाद रुपये न होने का हवाला देकर दुकानदारों ने इकरार से माल ले लिया। रुपये बाद में देने की बात की गई थी। इकरार ने करीब 30 से 35 लाख का माल मार्केट में दे रखा था, लेकिन उसे बार-बार कहने के बाद भी पेमेंट नहीं मिल रही थी।

इसकी वजह से वह डिप्रेशन में चला गया था। इधर, जिन लोगों की इकरार पर पैसे थे, वह भी अपने पैसे मांग रहे थे। परिजनों ने आशंका जताई है कि इसी कारण इकरार ने मौत को गले लगा लिया। नंद नगरी थाना पुलिस परिजनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed