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Delhi : कारोबारी का पुराना कर्मी ही निकला 90 लाख की डकैती का मास्टरमाइंड, रावण गैंग के सात दबोचे

Thu, 21 Dec 2023 05:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 21 Dec 2023 05:40 AM IST
सार

पुलिस ने इस संबंध में कारोबारी के दो पुराने कर्मचारियों समेत रावण गैंग के कुल सात आरोपियों को दबोचकर 74 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। पकड़े गए आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है।

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Delhi: Businessman's old employee turns out to be the mastermind of robbery worth Rs 90 lakh.
demo pic... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य दिल्ली के दरियागंज इलाके में 90 लाख रुपये की डकैती मामले की गुत्थी सुलझाने का पुलिस ने दावा किया है। पुलिस ने इस संबंध में कारोबारी के दो पुराने कर्मचारियों समेत रावण गैंग के कुल सात आरोपियों को दबोचकर 74 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। पकड़े गए आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है।

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कारोबारी के पुराने चालक ने कैशियर और दामाद के साथ मिलकर लूटपाट की साजिश रची थी। छानबीन के बाद डकैती की गुत्थी से पर्दा उठ गया। पुलिस ने दिल्ली, यूपी और हरियाणा में छापे मारकर कर सभी आरोपियों को दबोच लिया। इनके पास से वारदात में इस्तेमाल स्कूटी, बाइक के अलावा दो तमंचे और चार कारतूस व कैश बरामद कर लिया है। 
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पकड़े गए आरोपियों की पहचान मुख्य आरोपी बागपत निवासी अनिल त्यागी (48), इसका दामाद गन्नौर, सोनीपत, हरियाणा निवासी दीपक त्यागी (23), झिलमिल, दिल्ली निवासी कैशियर आसिफ (37), बागपत, यूपी निवासी दिवेश उर्फ रावण (21), शामली, यूपी निवासी लक्की कुमार (23) और गांधी नगर दिल्ली निवासी आशीष उर्फ आशू व नाबालिग के रूप में हुई है।
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दरअसल मुख्य आरोपी अनिल त्यागी पर बेटी की शादी के बाद भारी कर्ज था। यह बात उसने अपने दामाद दीपक व कंपनी के कैशियर आसिफ को बताई। दीपक ने अपने दोस्त दिवेश उर्फ रावण से संपर्क किया। बाद में योजना बनाकर वारदात को अंजाम दे दिया गया। घटना के बाद रकम आपस में बांट ली गई।

मध्य जिला पुलिस उपायुक्त संजय कुमार सेन ने बताया कि 13 दिसंबर की रात को गली नंबर-4, अंसारी रोड पर हथियारबंद बदमाशों ने कारोबारियों के कर्मचारियों से लूट की। विवेक विहार स्थित झिलमिल औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरी चलाने वाले कारोबारी मयंक जैन के चालक-कैश कलेक्शन एजेंट अनिल त्यागी और कर्मचारी राज को हथियार दिखाकर लूटा गया।

दोनों ने बताया कि मालिक के कहने पर वह दरियागंज में रोहित जैन से कैश लेने आए थे। इन लोगों ने शुरुआत में 10 लाख रुपये की रकम होने की जानकारी दी। लोकल पुलिस के अलावा जिले के स्पेशल विंग ने भी मामले की जांच की। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि रकम 10 नहीं 90 लाख रुपये थी।

ऐसे उठा वारदात से पर्दा
पुलिस ने मयंक जैन के दोनों कर्मचारी अनिल त्यागी और राज से गहन पूछताछ की। जांच के दौरान पुलिस को अनिल के बयानों पर शक हुआ। सख्ती से पूछने पर वह टूट गया। उसने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली। आरोपी ने बताया कि उसने अपने सोनीपत के रहने वाले दामाद दीपक और कंपनी के ही कैशियर आसिफ के साथ मिलकर साजिश रची। 

ऐसे दिया वारदात को अंजाम
वारदात को अंजाम देने के लिए पहले योजना बनाई गई। अनिल ने बताया कि वह अक्सर मोटी रकम की लेनदेन करता है। अनिल के कहने पर उसने अपने दामाद और उसके दोस्त दिवेश उर्फ रावण व अन्य को झिलमिल स्थित दफ्तर व दरियागंज की रेकी करवाई। बाद में अनिल ने बताया कि वह 13 दिसंबर को कैश लेने दरिया गंज जाएगा। जानकारी मिलने के बाद स्कूटी और बाइक पर दीपक, दिवेश उर्फ रावण, लक्की, आशू और नाबालिग ने पिस्टल दिखाकर अनिल व राज से कैश के दोनों बैग लूट लिए।

वारदात के समय खुद अनिल को भी नहीं पता था कि बैग में कितनी रकम है। बैग की जांच करने पर रकम का खुलासा हुआ। अनिल के खुलासे के बाद सबसे पहले पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद गन्नौर, सोनीपत से दीपक को दबोच लिया गया। इनके पास से मोटी रकम बरामद हुई। इसके बाद दिल्ली से आसिफ, बागपत से दिवेश उर्फ रावण, शामली से लक्की को दबोच लिया गया। इनके पास से लूटी गई रकम में से 74 लाख रुपये बरामद हुए। पुलिस बाकी रुपये बरामद करने का प्रयास कर रही है।


अनिल और आसिफ ने तोड़ा मालिक का भरोसा
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि अनिल पिछले करीब 10 सालों से मयंक जैन के पास चालक की नौकरी कर रहा था। मालिक उस पर भरोसा कर उससे ही मोटी रकम की लेनदेन करवाता था। इसके बदले उसे 20 हजार रुपये महीना दिया जाता था। वहीं आसिफ पिछले 14 सालों से कंपनी में कैशियर था। पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।

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