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नरेला में बड़ा हादसा: राजीव रतन आवास में जर्जर फ्लैट भरभराकर गिरा, चार की मौत, दो घायल

Fri, 11 Feb 2022 05:23 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Fri, 11 Feb 2022 05:23 PM IST
सार

सूचना मिलने पर जब पुलिस मौके पर पहुंची तो यह पता चला कि नरेला थाना क्षेत्र में आने वाली ये इमारत राजीव रतन आवास का हिस्सा है, जिसमें 300-400 फ्लैट हैं।

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Delhi building near Jal Board in NIA area nearly four five people trapped under debris rescue operation continue
इमारत ढही - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नरेला औद्योगिक क्षेत्र में बने राजीव रतन आवास योजना के तीन मंजिला इमारत के कई फ्लैट शुक्रवार दोपहर अचानक भरभरा कर गिर गए। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो जख्मी हो गए। हादसा होते ही मौके पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने मलबे में दबे दो महिलाओं को तुरंत बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए राहत कार्य शुरू किया गया। देर शाम को राहतकर्मियों ने मलबे में दबे चार लोगों को बाहर निकाला और उन्हें पास के अस्पताल में पहुंचाया। जहां चारों को मृत घोषित कर दिया।

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जिला पुलिस उपायुक्त बृजेंद्र कुमार यादव ने बताया कि मरने वालों की शिनाख्त बवाना जेजे कालोनी निवासी रुकैया खातून, शहजाद, अफरीन और दानिश के रूप में हुई है। जबकि घायलों की पहचान बवाना के जेजे कॉलोनी में रहने वाली फातिमा और शहनाज के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शाम सात बजे राहत कार्य को पूरा कर लिया गया है। मलबे में और कोई दबा हुआ नहीं है। यहां से मलबा हटाने का काम चल रहा है। पुलिस ने इस बाबत लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हादसा कैसे हुआ और इसके चपेट में आने वाले लोग खाली पड़े जर्जर फ्लैट के पास क्या कर रहे थे।
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पुलिस को शुक्रवार दोपहर पौने तीन बजे दिल्ली जल बोर्ड के पास इमारत गिरने की जानकारी मिली और बताया गया कि मलबे में चार से पांच लोग दब गए हैं। 

सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की चार गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। पुलिस को पता चला कि जो फ्लैट्स गिरे हैं वह राजीव रतन आवास का हिस्सा हैं। इस योजना के तहत यहां करीब चार सौ फ्लैट हैं। पुलिस ने तुरंत तीन जेसीबी और एक हाईड्रा मशीन और दो एंबुलेंस की मदद से राहत और बचाव का काम शुरू किया। पुलिस व दमकल कर्मियो ने मलबे से दो महिलाओं को निकाला और उन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया। उनकी पहचान ई ब्लॉक जेजे कॉलोनी बवाना निवासी फातिमा और बी ब्लॉक निवासी शहनाज के रूप में हुई। दोनों की हालत खतरे से बाहर है।


बवाना जेजे कालोनी में यह पुरानी इमारत है। जिसके गिरने से कुछ लोग मलबे में दब गए। इमारत खाली था। मलबे से दो को सुरक्षित निकाल लिया गया जबकि चार की मौत हो गई है।
बृजेंद्र कुमार यादव, पुलिस उपायुक्त बाहरी उत्तरी जिला

अधिकतर फ्लैट वीरान होने के कारण जर्जर हालत में पहुंचे
राजधानी में झुग्गी वालों को पक्का मकान देने के लिए वर्ष 2008 में बाहरी दिल्ली के बवाना औद्योगिक क्षेत्र के समीप हजारों की संख्या में बनाए गए अधिकतर फ्लैट वीरान पड़े है। इनके देखरेख भी नहीं हो रही है। इस कारण ये फ्लैट जर्जर हो गए और शुक्रवार को यहां बिल्डिंग गिरने का हादसा इसकी ही देन है। यहां कुछ फ्लैटों में लोग रह रहे है, मगर वह अनेक समस्याओं को सामना कर रहे है। बवाना औद्योगिक क्षेत्र के समीप सेक्टर-तीन में राजीव रत्न आवास योजना के तहत डेढ़ दशक पहले झुग्गी वालों के लिए फ्लैट बनाए थे, मगर झुग्गी वालों को यहां फ्लैट नहीं दिए गए। यहां पर कुछ फ्लैट फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों को दिए गए। वह भी यहां नहीं रह रहे है, उन्होंने अपने फ्लैट किराए पर दे रखे है। इस बीच इन फ्लैटों में रेलवे लाइन किनारे बसी झुग्गी वालों को विस्थापित करने की बात की जा रही है, जबकि यहां सुविधा के नाम पर न तो पीने का साफ पानी आता है और न ही साफ सफाई होती है। यहां चारों ओर गंदगी रहती है।
 

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