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दिल्ली का बजटः सफर होगा और आसान, ईंधन भी बचेगा
Wed, 27 Feb 2019 06:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 27 Feb 2019 06:06 AM IST
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delhi budget 2019
- फोटो : अमर उजाला
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बजट में दिल्ली की सड़क अवसंरचना को सुदृढ़ करने को खास तवज्जो दी गई है। इसके तहत ब्रिज, एलिवेटेड रोड, फ्लाईओवर, स्ट्रीट स्केपिंग सहित सड़कों की फोरलेनिंग की भी योजनाएं हैं। बेहतर बुनियादी सड़क ढांचा के साथ-साथ ट्रैफिक प्रबंधन को भी और आसान बनाने के लिए कई परियोजनाओं को अमली जामा पहनाया जाएगा।
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सड़कों पर बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से जाम की समस्या कम होगी, जिससे इंधन के मद में होने वाले खर्च में भी रोजाना करोड़ों की बचत होगी। प्रदूषण स्तर को भी नियंत्रित दायरे में रखने में इस पहल का अहम योगदान होगा। वर्ष 2019-20 में इस मद में 1900 करोड़ रुपये के परिव्यय का प्रस्ताव दिया जो गत वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान से 73 फीसदी अधिक है।
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ब्रिज और एलिवेटेड रोड के निर्माण से दिल्लीवासियों को राहत मिलने सहित पेट्रेाल-डीजल में मद में लाखों की रोजाना बचत भी हो रही है। ऐसी बुनियादी सुविधाएं विकसित होने से जाम की समस्या दूर होने सहित लोगों को आने जाने में वक्त की बर्बादी भी दो-तीन घंटे रोजाना कम हुई है।
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पिछले 14 वर्षों से लंबित यमुना नदी पर सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण पूरा कर लिया गया। पूर्वी और उत्तरी दिल्ली की सबसे प्रतीक्षित और सबसे अधिक आवश्यक परियोजनाओं को पूरा कर लिया गया। इस ब्रिज के तैयार होने से उत्तर और पूर्वी दिल्ली के लाखों लोगों के समय में रोजाना 2-3 घंटे की बचत हो रही है।
औसतन इस ब्रिज से रोजाना एक लाख वाहनों का आवागमन होता है तो समय की बचत के साथ साथ रोजाना लाखों के पेट्रोल और डीजल की भी बचत हो रही है। इससे प्रदूषण के स्तर को भी नियंत्रित दायरे में रखना संभव होगा।
बारापुला नाले पर एलिवेटेड सड़क का निर्माण कार्य भी जल्द पूरा करने का सरकार ने दावा किया है, जिससे जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से आईएनए मार्केट तक जाने में करीब 25 मिनट की बचत होगी।
500 करोड़ की लागत से 25 किमी. के दायरे की सड़क होगी फोरलेन
दिल्ली में सड़क अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए लिए वर्ष 2019-20 के लिए कई योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। इसके तहत नजफगढ़ नाले के किनारे ढांसा रेग्यूलेटर से द्वारका मोड़ तक 500 करोड़ की लागत से 25 किलोमीटर लंबी फोर लेन सड़क का निर्माण चालू वित्त वर्ष में शुरू कर दिया जाएगा।
राजपुरा, त्रिनगर/इंद्रलोक और कर्मपुरा में राष्ट्रीय राजमार्ग-10 पर 86 करोड़ रुपये की लागत से पुलिया को चौड़ा करने की भी शुरुआत इसी साल किए जाने की उम्मीद है। 309 करोड़ रुपये की लागत से शास्त्री पार्क और सीलमपुर फ्लाईओवर का निर्माण शुरू हो चुका है, जिसे अगले 18 महीनों में पूरा कर लिए जाने की उम्मीद है।
फ्लाईओवरों के निर्माण से पूर्वी दिल्ली में सड़क का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा। परियोजना पूरी होने पर आईएसबीटी कश्मीरी गेट और शाहदरा के बीच यात्रा में लगने वाले समय में सात मिनट की कमी आएगी। आश्रम चौक पर भीड़ को कम कर, वाहनों के निर्बाध आवागमन के लिए 78 करोड़ की लागत से अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग की ओर से 308 करोड़ रुपये की लागत से छह खंडों पर स्ट्रीट स्केपिंग का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
राजपुरा, त्रिनगर/इंद्रलोक और कर्मपुरा में राष्ट्रीय राजमार्ग-10 पर 86 करोड़ रुपये की लागत से पुलिया को चौड़ा करने की भी शुरुआत इसी साल किए जाने की उम्मीद है। 309 करोड़ रुपये की लागत से शास्त्री पार्क और सीलमपुर फ्लाईओवर का निर्माण शुरू हो चुका है, जिसे अगले 18 महीनों में पूरा कर लिए जाने की उम्मीद है।
फ्लाईओवरों के निर्माण से पूर्वी दिल्ली में सड़क का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा। परियोजना पूरी होने पर आईएसबीटी कश्मीरी गेट और शाहदरा के बीच यात्रा में लगने वाले समय में सात मिनट की कमी आएगी। आश्रम चौक पर भीड़ को कम कर, वाहनों के निर्बाध आवागमन के लिए 78 करोड़ की लागत से अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग की ओर से 308 करोड़ रुपये की लागत से छह खंडों पर स्ट्रीट स्केपिंग का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।