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Delhi NCR News: 24 साल से बच्चों की प्रतिभा तराश रहीं आरती
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पढ़ाई के साथ सामाजिक सरोकारों से जोड़ रही हैं विद्यार्थी
- राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से हो चुकीं हैं सम्मानित
सोनम प्रतिहस्त
नई दिल्ली। सरकारी स्कूल में 24 वर्षों से अंग्रेजी पढ़ा रहीं आरती क्वांगो ने अपने शिक्षण को सिर्फ पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा। वह विद्यार्थियों को गतिविधियों के जरिये सीखने, सामाजिक मुद्दों को समझने और अपनी रुचि के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर देती हैं। वर्तमान में वह सर्वोदय कन्या विद्यालय, लक्ष्मी नगर में अंग्रेजी भाषा पढ़ा रही हैं।
आरती का मानना है कि शिक्षक के लिए सबसे पहले विद्यार्थी से जुड़ना जरूरी है। इसके बाद उसकी रुचि, क्षमता और सीखने के तरीके को समझकर शिक्षण को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। इसी सोच के तहत वह कक्षा में संवाद और गतिविधि आधारित तरीकों को महत्व देती हैं। विद्यार्थियों के साथ उन्होंने मासिक धर्म, किशोरावस्था, बाल शोषण और अच्छे-बुरे स्पर्श जैसे विषयों पर जागरूकता से जुड़े कार्य किए हैं। जलवायु कार्रवाई से जुड़ी परियोजना के जरिये करीब 27 लाख विद्यार्थियों तक पहुंच बनाने में भी उनकी भूमिका रही। शिक्षा से जुड़े उनके कार्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी प्रस्तुत हुए हैं।
विद्यार्थियों ने भी हासिल की उपलब्धियां
उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में पहचान बनाई। एक विद्यार्थी का दाखिला आईआईएम बेंगलुरु में हुआ, जबकि एक ने राष्ट्रीय स्तर पर भारोत्तोलन में प्रदर्शन किया। वहीं, सीडब्ल्यूएसएन श्रेणी के एक विद्यार्थी को राष्ट्रपति भवन स्थित मिट्टी कैफे में रोजगार मिला।
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राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार समेत कई सम्मान
शिक्षण के क्षेत्र में योगदान के लिए आरती को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2023 से सम्मानित किया गया। इससे पहले उन्हें राज्य शिक्षक पुरस्कार-2017 और सीबीएसई शिक्षक पुरस्कार-2020 मिल चुका है। वर्ष 2019 में वह ग्लोबल टीचर प्राइज के शीर्ष 50 शिक्षकों में भी शामिल रहीं। जनवरी 2026 में उन्हें आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से श्री श्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
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- राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से हो चुकीं हैं सम्मानित
सोनम प्रतिहस्त
नई दिल्ली। सरकारी स्कूल में 24 वर्षों से अंग्रेजी पढ़ा रहीं आरती क्वांगो ने अपने शिक्षण को सिर्फ पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा। वह विद्यार्थियों को गतिविधियों के जरिये सीखने, सामाजिक मुद्दों को समझने और अपनी रुचि के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर देती हैं। वर्तमान में वह सर्वोदय कन्या विद्यालय, लक्ष्मी नगर में अंग्रेजी भाषा पढ़ा रही हैं।
आरती का मानना है कि शिक्षक के लिए सबसे पहले विद्यार्थी से जुड़ना जरूरी है। इसके बाद उसकी रुचि, क्षमता और सीखने के तरीके को समझकर शिक्षण को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। इसी सोच के तहत वह कक्षा में संवाद और गतिविधि आधारित तरीकों को महत्व देती हैं। विद्यार्थियों के साथ उन्होंने मासिक धर्म, किशोरावस्था, बाल शोषण और अच्छे-बुरे स्पर्श जैसे विषयों पर जागरूकता से जुड़े कार्य किए हैं। जलवायु कार्रवाई से जुड़ी परियोजना के जरिये करीब 27 लाख विद्यार्थियों तक पहुंच बनाने में भी उनकी भूमिका रही। शिक्षा से जुड़े उनके कार्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी प्रस्तुत हुए हैं।
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विद्यार्थियों ने भी हासिल की उपलब्धियां
उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में पहचान बनाई। एक विद्यार्थी का दाखिला आईआईएम बेंगलुरु में हुआ, जबकि एक ने राष्ट्रीय स्तर पर भारोत्तोलन में प्रदर्शन किया। वहीं, सीडब्ल्यूएसएन श्रेणी के एक विद्यार्थी को राष्ट्रपति भवन स्थित मिट्टी कैफे में रोजगार मिला।
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राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार समेत कई सम्मान
शिक्षण के क्षेत्र में योगदान के लिए आरती को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2023 से सम्मानित किया गया। इससे पहले उन्हें राज्य शिक्षक पुरस्कार-2017 और सीबीएसई शिक्षक पुरस्कार-2020 मिल चुका है। वर्ष 2019 में वह ग्लोबल टीचर प्राइज के शीर्ष 50 शिक्षकों में भी शामिल रहीं। जनवरी 2026 में उन्हें आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से श्री श्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।