मासूम का पीएम को पत्र- मोदी अंकल, मैं मर जाऊंगा क्या?
- किडनी फेलियर 13 वर्षीय वरूण ने पीएम मोदी को लिखी चिठ्ठी, मांगी मदद
- सर गंगाराम अस्पताल में कई दिनों से भर्ती है वरूण
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मोदी अंकल, मैं वरूण हूं दिल्ली में ही रहता हूं। मिर्जा गालिब की गलियों में पैदा हुआ हूं। उनके बारे में हमेशा अपने पड़ोस के दादाजी से कहानियां सुनता रहता हूं। पर, मैं कई दिन से बीमार हूं।
पेट का दर्द मेरे पूरे बदन को निचोड़ कर रख देता है। पापा के पास इलाज का पैसा नहीं है। अंकल, क्या मैं मर जाऊंगा? अस्पताल के बेड पर लेटे-लेटे मुझे चींटियां सी काटने लगी हैं। दर्द होता है तो मम्मी से छिपकर तकिए में मुंह देकर रोने लगता हूं।
क्या करूं अंकल, मम्मी पापा मुझे देखकर रोने लगते हैं। काश मैं बीमार न होता तो कम से कम अपनी मम्मी की आंखों में आंसू तो नहीं आने देता...प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपना दर्द साझा करतीं ये लाइनें एक चिट्ठी में लिखी गई हैं, जिसे दिल्ली के 13 वर्षीय वरूण ने सर गंगाराम अस्पताल से लिखी है।
वरूण किडनी फेलियर का मरीज है
वरूण किडनी फेलियर का मरीज है, जो लंबे समय से उपचाराधीन है। डॉक्टरों का कहना है कि वह पूरी तरह से ठीक हो सकता है। हालांकि इसके लिए करीब साढ़े 8 लाख रुपये का खर्चा आएगा।
पुरानी दिल्ली के बल्लिमारान निवासी पिता कमल किशोर आर्थिक रुप से कमजोर होने के कारण इलाज का खर्चा नहीं उठा पा रहे हैं। यही वजह है कि अब वरूण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिठ्ठी लिख अपना दर्द बयां किया है।
वरूण ने एक पत्र मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी लिखा है। वहीं, पिता कमल किशोर ने इलाज के लिए सामाजिक कार्यकर्ता एडवोकेट अशोक अग्रवाल से भी संपर्क किया है। एडवोकेट अग्रवाल ने बताया कि अगर सरकार से वरूण को मदद नहीं मिलती है तो वे दिल्ली हाईकोर्ट से मदद की गुहार लगाएंगे।