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Delhi Blast: चौंकाने वाला खुलासा, हमास जैसी प्लानिंग...जैश के व्हाइट कॉलर मॉड्यूल ने अपनाई उसकी ही रणनीति

Mon, 24 Nov 2025 09:47 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: आकाश दुबे Updated Mon, 24 Nov 2025 09:47 PM IST
सार

सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों का कहना है कि इस साजिश की स्क्रिप्ट फरवरी में लिखी गई थी और अब ये नेटवर्क बेनकाब हो रहा है। दिल्ली धमाके की जांच में पता चला कि जैश-ए-मोहम्मद का व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल हमास की रणनीति अपना रहा है।

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Delhi blast plot script written in February Hamas connection emerges
दिल्ली धमाका - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली लाल किला बम धमाका मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। एनआईए को ऐसे वीडियो मिले हैं, जो आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और फलस्तीनी संगठन हमास के बीच गहरे रिश्तों को उजागर करते हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों का कहना है कि इस साजिश की स्क्रिप्ट फरवरी में लिखी गई थी और अब ये नेटवर्क बेनकाब हो रहा है। दिल्ली धमाके की जांच में पता चला कि जैश-ए-मोहम्मद का व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल हमास की रणनीति अपना रहा है।

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अधिकारियों के अनुसार, व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल का कश्मीर से लेकर हरियाणा समेत कई राज्यों में नेटवर्क फैला हुआ था। जांच एजेंसियों के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद का व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल हमास की रणनीति अपना रहा है। जानकारों के अनुसार, हथियारों के लिए ड्रोन का इस्तेमाल और अस्पतालों को आर्म्स स्टोरेज के रूप में उपयोग करना हमास के मैनुअल से मेल खाता है। एजेंसियों की मानें तो हमास की रणनीति का इस्तेमाल करने वाला जैश का सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल कोई संयोग नहीं है। ड्रोन को हथियार बनाने से लेकर अस्पतालों में हथियार रखने तक सब कुछ हमास की पुस्तिका से लिया गया लगता है।

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इसी साल की शुरुआत में 5 फरवरी को फलस्तीनी संगठन हमास ने पहली बार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के रावलकोट में जैश और लश्कर के आतंकवादियों के साथ मंच साझा किया था। हमास नेता डॉ. खालिद कद्दौमी, डॉ. नाजी जहीर वहां मौजूद अन्य लोगों में प्रमुख थे। यह बैठक इस बात का संकेत थी कि आतंकी नेटवर्क अब वैश्विक स्तर पर तालमेल बढ़ा रहे हैं।

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फरवरी में रची गई थी साजिश
जांच एजेंसियों का कहना है कि इस साजिश की स्क्रिप्ट फरवरी में लिखी गई थी और अब इसका नेटवर्क बेनकाब हो रहा है। जैश का मॉड्यूल न केवल ड्रोन को हथियार बनाने की योजना पर काम कर रहा था, बल्कि अस्पतालों को हथियारों के भंडारण के लिए इस्तेमाल करने की रणनीति भी हमास की तर्ज पर अपनाई गई थी।

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