Delhi Budget 2024: बजट बनाने में देरी, सत्र मार्च के पहले हफ्ते तक बढ़ा, भाजपा विधायकों ने किया हंगामा
इसकी जानकारी तब हुई, जब सदन में विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने वित्त मंत्री आतिशी से बजट की तारीख पर सवाल किए। वित्त मंत्री के आग्रह पर सदन ने बजट सत्र को मार्च माह के पहले हफ्ते तक बढ़ाने का निर्णय किया। लिहाजा अभी तय नहीं है कि वित्त मंत्री किस दिन बजट प्रस्तुत करेगी।
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दिल्ली सरकार की ओर से बजट तैयार होने में देरी हो गई है। इसकी जानकारी तब हुई, जब सदन में विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने वित्त मंत्री आतिशी से बजट की तारीख पर सवाल किए। वित्त मंत्री के आग्रह पर सदन ने बजट सत्र को मार्च माह के पहले हफ्ते तक बढ़ाने का निर्णय किया। लिहाजा अभी तय नहीं है कि वित्त मंत्री किस दिन बजट प्रस्तुत करेगी।
रामनिवास गोयल के सवाल पर आतिशी नेे बताया कि दिल्ली सरकार की ओर से बजट तैयार करने में देरी हुई है। उन्होंने उपराज्यपाल वीके सक्सेना सेे बुधवार को बजट को हरी झंडी ली है। अब वह बजट को स्वीकृति के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास भेजेंगे। वहां से बजट को हरी झंडी मिलने में 10 से 15 दिन लगते हैं। इस कारण फरवरी माह के अंतिम सप्ताह या फिर मार्च के प्रथम सप्ताह में बजट प्रस्तुत किया जा सकेगा। उन्होंने सदन से आग्रह किया कि बजट सत्र को मार्च के प्रथम सप्ताह तक बढ़ाने की आवश्यकता है। उनकी ओर से पेश प्रस्ताव को सदन नेे पास कर दिया।
इस बीच भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता ने वित्त मंत्री से बजट को हरी झंडी मिलने में देरी होने के बारे में सवाल किया। वित्त मंत्री ने कहा कि वह इस मामले में किसी पर आरोप नहीं लगा रही है।
बजट समय पर पेश न करना सरकार की साजिश : बिधूड़ी
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी सरकार ने बजट जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज को भी राजनीति का शिकार बना दिया है। मुख्यमंत्री ने शराब घोटाले की जांच से बचने के लिए बजट जैसे पवित्र दस्तावेज को ही अपना हथियार बनाने की कोशिश की है।
बिधूड़ी ने कहा कि विधानसभा में सरकार ने स्वयं बजट बनाने में उससे देरी होने की बात मानी है, लेकिन कोई कारण नहीं बताया गया। लिहाजा सरकार को बताना चाहिए कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है। बजट को 14 फरवरी को ही उपराज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा गया और उन्होंने उसे उसी दिन मंजूर भी कर दिया। वित्तमंत्री आतिशी ने सदन में माना है कि गृह मंत्रालय के पास बजट आज ही भेजा गया है। आखिर बजट बने बिना ही बजट अधिवेशन की तारीख कैसे मंजूर कर ली गई।
उपराज्यपाल के अभिभाषण के दौरान भाजपा का हंगामा
विधानसभा में बजट सत्र की शुरुआत में उपराज्यपाल के अभिभाषण के दौरान भाजपा विधायकों ने आप सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए हंगामा किया। विधायकों ने करीब 10 बार अभिभाषण में बाधा डाली। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने भाजपा के सात विधायकों को मार्शल से बाहर निकलवा दिया। भाजपा विधायकों ने सरकार की उपलब्धियों के दावों पर सवाल खड़ा करते हुए इसे झूठ का पुलिंदा बताया।
उपराज्यपाल के अभिभाषण के दौरान भाजपा विधायकों ने अलग-अलग मुद्दों पर आप सरकार को घेरने का कार्य किया। शिक्षा का उल्लेख होने के दौरान विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि आप ने हर साल पांच नए कॉलेज खोलने का वादा किया था, मगर एक भी नया कॉलेज नहीं खोला गया। स्वास्थ्य के मुद्दे पर पर अजय महावर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने घोषणा के बावजूद आयुष्मान भारत योजना को दिल्ली में लागू नहीं किया। अभय वर्मा ने बिजली के रेट नहीं बढ़ाने के दावे पर सवाल खड़ा किया। अनिल वाजपेयी ने यमुना पर सरकार की विफलता को उजागर किया। ओमप्रकाश शर्मा ने कहा कि पिछले 10 सालों में दिल्ली में एक भी बस नहीं खरीदी गई। नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने एमसीडी में में आप के सत्ता में आने के बाद सफाई व्यवस्था चौपट होने का मामला उठाया।